बुलंदशहर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में पल-पल बदलते घटनाक्रमों के बीच बुलंदशहर के पूर्व बाहुबली विधायक और वर्तमान समाजवादी पार्टी नेता श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित की एक तस्वीर ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पल-पल बदलते घटनाक्रमों के बीच बुलंदशहर के पूर्व बाहुबली विधायक और वर्तमान समाजवादी पार्टी नेता श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित की एक तस्वीर ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ गुड्डू पंडित की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
इस मुलाकात की तस्वीरों को खुद गुड्डू पंडित ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे एक ‘सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार मुलाकात’ का नाम दिया है। हालांकि, राजनीतिक पंडित इस मुलाकात के गहरे मायने निकाल रहे हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि पश्चिमी यूपी का यह बाहुबली नेता एक बार फिर पाला बदलने की तैयारी में है।
कल्याण सिंह के गढ़ में दो बार दी थी शिकस्त, ऐसा रहा है राजनीतिक सफर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर और विवादित नेताओं में शुमार गुड्डू पंडित का राजनीतिक इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है।
2007 का सियासी धमाका: कभी पूर्वांचल के बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी के करीबी रहे गुड्डू पंडित ने 2007 में बसपा के टिकट पर डिबाई विधानसभा से चुनाव लड़ा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया को उन्हीं के गढ़ में हराकर सबको चौंका दिया था।
2011 में अपनी ही सरकार में गिरफ्तारी: बीडीसी मेंबर अपहरण कांड में नाम आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने साल 2011 में उन्हें अपने दिल्ली आवास से ही गिरफ्तार करवा दिया था।
2012 में सपा से दोबारा जीत: बसपा से रास्ते अलग होने के बाद वह 2012 में सपा के सिंबल पर डिबाई से उतरे और लगातार दूसरी बार कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह को पटखनी दी।
2016 की क्रॉस वोटिंग और निष्कासन: साल 2016 में सपा विधायक रहते हुए गुड्डू पंडित ने राज्यसभा चुनाव में पाला बदला और भाजपा (BJP) के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर दी। इसके बाद सपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया।
बसपा से लोकसभा चुनाव और सपा में वापसी: 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फतेहपुर सीकरी सीट से बसपा के टिकट पर किस्मत आजमाई, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद समीकरण बदले और 2022 में वह दोबारा अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।
जब कल्याण सिंह की नाराजगी के कारण नहीं मिल पाया था बीजेपी का टिकट
साल 2016 में भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा था कि गुड्डू पंडित 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर ही लड़ेंगे। वह सार्वजनिक रूप से भाजपा के मंचों और कार्यक्रमों में भी नजर आने लगे थे।
रालोद से लड़ना पड़ा था चुनाव: राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उस वक्त भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की कड़ी नाराजगी गुड्डू पंडित पर भारी पड़ गई थी। तमाम कोशिशों के बावजूद कल्याण सिंह के वीटो के कारण उन्हें भाजपा से टिकट नहीं मिल सका। आखिरकार, उन्होंने 2017 का चुनाव बुलंदशहर सदर सीट से राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के टिकट पर लड़ा, जहां उन्हें करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
क्या फिर पलटेगा पासा?
सपा में रहते हुए देश के रक्षा मंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता राजनाथ सिंह से गुड्डू पंडित की इस ताजा मुलाकात ने जिले की राजनीति में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए गुड्डू पंडित पश्चिमी यूपी में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए कोई नया और बड़ा राजनीतिक कदम उठा सकते हैं। फिलहाल, इस मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी, दोनों ही खेमों के नेताओं की नजरें गुड्डू पंडित के अगले कदम पर टिकी हैं।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 27, 2026













