मेरठ में नौतपा का प्रचंड प्रहार: 44 डिग्री तक पहुंचेगा पारा, सुबह से चल रही लू ने बढ़ाया हीटस्ट्रोक का खतरा

मेरठ

मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में नौतपा की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आसमान से बरसती आग और सुबह से ही चल रही गर्म हवाओं लू के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में नौतपा की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आसमान से बरसती आग और सुबह से ही चल रही गर्म हवाओं लू के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात ये हैं कि दोपहर होते-होते सड़कों और बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है। हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए अगले 48 से 72 घंटों के बाद मौसम के मिजाज में कुछ नरमी आने की संभावना जताई है।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार, मंगलवार को मेरठ का अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, आज तापमान में और बढ़ोतरी के साथ इसके 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। चिलचिलाती धूप और उमस के कारण लोग बेहाल हैं। धूप से बचने के लिए लोग चेहरों को ढककर निकल रहे हैं, जिससे गन्ने के रस, शिकंजी और नारियल पानी के ठेलों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।

अस्पतालों में बढ़े मरीज, डॉक्टरों ने दी सलाह

भीषण गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। स्थानीय अस्पतालों और क्लीनिकों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, उल्टी-दस्त, थकान और चक्कर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधी पड़ने से तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होती है। अगले दो-तीन दिनों तक दिन के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म रहेंगी। हालांकि, इसके बाद हवाओं की दिशा बदलने और हल्के बादल छाने से तपिश से कुछ राहत मिल सकती है। प्रशासन और डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने और दोपहर के समय घरों में ही रहने की अपील की है।

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