लखनऊ
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एक बड़ी सौगात दी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना’ का दायरा बढ़ाते हुए इसमें आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस व्यवस्था को धरातल पर उतारने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
मंगलवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह अहम फैसला लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कैशलेस इलाज की इस योजना में आयुष पद्धतियों की सेवाओं को अविलंब जोड़ा जाए। बता दें कि अब तक इस योजना के तहत केवल एलोपैथिक इलाज की ही सुविधा मिलती थी।
प्रदेश के 28 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, इस फैसले से उत्तर प्रदेश के करीब 28 लाख सेवारत कर्मचारियों, सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
अब ये सभी लाभार्थी सरकार द्वारा सूचीबद्ध आयुष अस्पतालों में भर्ती होकर बिना कोई पैसा दिए अपनी पसंद की पद्धति (आयुर्वेद, यूनानी या होम्योपैथी) से इलाज करा सकेंगे। इलाज के सभी बिलों का भुगतान सीधे राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
क्या है कैशलेस योजना
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना 2022 में शुरू हुई थी. इसमें राज्य कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है. कार्डधारक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती होकर कैशलेस इलाज करा सकते हैं. अब इसमें आयुष अस्पताल भी जुड़ेंगे.
स्वास्थ्य विभाग जल्द ही आयुष अस्पतालों की सूची जारी करेगा और एसओपी तैयार करेगा. 1 महीने में यह सुविधा शुरू हो जाएगी.
थाना अमरोहा देहात क्षेत्रान्तर्गत हुई दुखद दुर्घटना में 03 व्यक्तियों की मृत्यू होने तथा अग्रिम कार्यवाही प्रचलित होने के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक अमरोहा द्वारा दी गयी बाइट- pic.twitter.com/4tJPQDFUy3
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 26, 2026























