महाअभियान: 2027 भारत की जनगणना ने पकड़ी रफ्तार, डिबाई के मुमरेजपुर में डिजिटल माध्यम से घर-घर पहुंच रहे अधिकारी

डिबाई (बुलंदशहर)

देश के विकास और आगामी योजनाओं का आधार बनने जा रही ‘भारत की जनगणना 2027’ को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

देश के विकास और आगामी योजनाओं का आधार बनने जा रही ‘भारत की जनगणना 2027’ को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जनपद बुलंदशहर की तहसील डिबाई क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुमरेजपुर में जनगणना के प्रथम चरण का कार्य बेहद तेजी और मुस्तैदी के साथ किया जा रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए छोटे-बड़े तमाम अधिकारी और प्रगणक चिलचिलाती धूप में भी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने में व्यस्त हैं।

डिजिटल प्रणाली से हो रहा मकान सूचीकरण का कार्य

ग्राम मुमरेजपुर में इन दिनों हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस यानी मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में जनगणना कर्मचारी विकास जयंत, गौरव कुमार और सुम्मेर सिंह सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

मौके पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार इस बार की जनगणना को पूरी तरह हाईटेक और डिजिटल प्रणाली पर आधारित किया गया है। मोबाइल ऐप और आधुनिक उपकरणों के जरिए आंकड़ों को सीधे दर्ज किया जा रहा है, ताकि डेटा में पूरी पारदर्शिता, सटीकता रहे और किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न बचे।

20 जून तक चलेगा प्रथम चरण का सर्वे

कर्मचारियों ने समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश शासन और जनगणना निदेशालय के आदेशानुसार प्रदेश में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का यह प्रथम चरण 22 मई से शुरू हो चुका है, जो आगामी 20 जून तक निरंतर जारी रहेगा। इस निर्धारित अवधि के भीतर प्रत्येक मकान, उसमें रहने वाले परिवारों की संख्या और उन्हें मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, शौचालय आदि का विवरण मोबाइल ऐप में फीड किया जा रहा है।

सटीक विकास के लिए सही जानकारी देना जरूरी: प्रशासन

जनगणना अधिकारियों ने मुमरेजपुर सहित क्षेत्र के तमाम ग्रामीणों और संभ्रांत नागरिकों से अपील की है कि जब भी प्रगणक या अधिकारी उनके दरवाजे पर आएं, तो उन्हें पूरी तरह सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है। जनता द्वारा दिए गए सही आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य में सरकार द्वारा गांव और क्षेत्र के विकास के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं और बजट तैयार किया जाता है।

 

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