बुलंदशहर
बुलंदशहर में दो माह से मानदेय न मिलने पर NHM संविदा कर्मचारियों का दूसरे दिन भी काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन जारी रहा। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर दूसरे दिन भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करते हुए 21 मई से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दे दिया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जनपद बुलंदशहर में मंगलवार को दूसरे दिन भी NHM संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर उपस्थित रहकर स्वास्थ्य सेवाएं देते हुए विगत दो माह से लंबित मानदेय के प्रति नाराजगी जता रहे हैं।
1100 से अधिक कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे
संघ के जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि जनपद के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर 1100 से अधिक संविदा कर्मचारी सीमित वेतन में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें संविदा चिकित्सक, मैनेजमेंट स्टाफ, एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सीएचओ एवं अन्य पैरामेडिकल कर्मचारी शामिल हैं। दो माह से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
किराया, फीस और बिल भरना हुआ मुश्किल
संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे अल्प मानदेय पर दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में लगे रहते हैं, लेकिन लगातार दो माह से वेतन न मिलने से घर का किराया, बच्चों की स्कूल फीस, पुस्तकों का खर्च, बिजली-पानी के बिल तथा दैनिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है। कई कर्मचारियों को उधार लेकर परिवार का पालन-पोषण करना पड़ रहा है।
दूरस्थ जिलों के कर्मचारियों पर दोहरी मार
सैकड़ों संविदा कर्मचारी दूरस्थ जनपदों के निवासी हैं जो बुलंदशहर के ग्रामीण क्षेत्रों में किराये पर मकान लेकर परिवार सहित रहते हैं। मानदेय न मिलने की स्थिति में उनका जीवन यापन दूभर हो गया है। संघ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले इन कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में गहरा मानसिक तनाव और निराशा व्याप्त है।
12 मई को दिया था ज्ञापन, नहीं हुई कार्रवाई
जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि 12 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर लंबित मानदेय के भुगतान की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बाद ही संघ ने काली पट्टी बांधकर विरोध का निर्णय लिया।
20 मई तक भुगतान नहीं तो 21 से कार्य बहिष्कार
संघ के जिला महामंत्री डॉ० तहसीन रज़ा ने चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों का यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि 20 मई 2026 तक मार्च एवं अप्रैल माह का मानदेय जारी नहीं किया गया, तो 21 मई 2026 से जनपद के समस्त NHM संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। हालांकि जनहित को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं पूर्व की भांति संचालित रखी जाएंगी।
शासन से तत्काल भुगतान की अपील
संघ नेतृत्व ने शासन एवं विभागीय अधिकारियों से अपील की है कि संविदा कर्मचारियों की पीड़ा को संवेदनशीलता के साथ समझते हुए उनका लंबित मानदेय तत्काल जारी कराया जाए, ताकि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों से राहत मिल सके।
खास तौर पर ये रहे विरोध में शामिल
आज के विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार, डॉ संतोष गुप्ता, डॉ योगेश शर्मा, डॉ तहसीन रज़ा, डॉ राकेश कुमार, डॉ हरिओम माहुर, डॉ हर्षिता, डॉ उर्वशी, डॉ अशोक कुमार, डॉ गौतम लाल, डॉ निक्खत, डॉ गज़ाला आफरीन, डॉ मनोज यादव, पूर्णिमा, अक्षय कुमार, गिरेन्द्र राणा, कुलदीप सिंह, संजीव कुमार, हिना शर्मा, एमके चौधरी, गुलशन, तरुण शर्मा, जितेन्द्र सिंह, विमलेश यादव, सविता सिंह, रीता त्यागी, परवीन राठौर, केके राठी, मनीष चौहान, रेनू सिंह आदि शामिल रहे।
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