गोरखपुर: पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर वसूली; वीडियो वायरल होने पर मुंशी निलंबित, होमगार्ड थाने से बाहर

पीपीगंज

गोरखपुर जनपद के पीपीगंज थाने में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ न्यूज़ 24 की ख़ास रिपोर्ट।

गोरखपुर जनपद के पीपीगंज थाने में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के नाम पर रिश्वत लेते हुए एक होमगार्ड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाने के मुंशी को निलंबित कर दिया है और आरोपी होमगार्ड को हटा दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पीपीगंज थाने के भीतर तैनात एक होमगार्ड को कथित तौर पर एक व्यक्ति से रिश्वत लेते हुए देखा गया। जानकारी के अनुसार, यह वसूली पासपोर्ट रिपोर्ट लगाने और चरित्र सत्यापन जैसे कार्यों के बदले में की जा रही थी। वीडियो के सार्वजनिक होते ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे, जिसके बाद आला अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए।

जांच में खुली पोल: मुंशी पर गिरी गाज

एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी स्तर से कराई गई शुरुआती जांच में भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि:

नियमों की अनदेखी: पासपोर्ट सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य, जो पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी है, उसमें होमगार्ड सुनील कुमार को लगाया गया था।

मुंशी की संलिप्तता: थाने के मुंशी सूर्यकांत भारती की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

वसूली का नेटवर्क: आरोप है कि थाने के कुछ कर्मचारी सीधे तौर पर पकड़े जाने से बचने के लिए छोटे कर्मचारियों और बिचौलियों के माध्यम से अवैध धन उगाही करवाते थे।

 

प्रशासनिक कार्रवाई

आरोपी होमगार्ड सुनील कुमार को तत्काल थाने से हटा दिया गया है। उसके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित होमगार्ड कमांडेंट को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।

गहराई से हो रही है पड़ताल

पुलिस प्रशासन अब इस वायरल वीडियो की फॉरेंसिक सत्यता और थाने में चल रहे अवैध वसूली के पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और पर्दे के पीछे से खेल रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी पहचान की जा रही है, ताकि उनके खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।

 

Voice Of News 24