बिधूना
औरैया जनपद के बिधूना तहसील परिसर गुरुवार को उस समय अखाड़ा बन गया, जब तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और उपजिलाधिकारी गरिमा सोनकिया के बीच किसी बात को लेकर जमकर कहासुनी हो गई।

औरैया जनपद के बिधूना तहसील परिसर गुरुवार को उस समय अखाड़ा बन गया, जब तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और उपजिलाधिकारी गरिमा सोनकिया के बीच किसी बात को लेकर जमकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि अधिवक्ताओं ने तहसील प्रांगण में नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन तिवारी और महामंत्री अतुल तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ता एसडीएम से वार्ता करने उनके चेंबर पहुँचे थे। विवाद के दो मुख्य कारण सामने आए हैं
स्थानांतरित कर्मचारी की नियुक्ति: औरैया सदर से स्थानांतरित होकर आए आलोक अग्निहोत्री को एसडीएम पेशकार के पद पर तैनात किए जाने का अधिवक्ता विरोध कर रहे थे।अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अधिवक्ताओं का आरोप एसडीएम ने किया दुर्व्यवहार
अधिवक्ताओं का दावा है कि जब वे जनसमस्याओं और नियुक्ति के विषय पर बात करने गए, तो एसडीएम ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें चेंबर से बाहर जाने को कह दिया। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम ने जिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना करने जैसी बातें कहीं। आक्रोशित वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो वे जिलाधिकारी से लिखित शिकायत करेंगे।
#Auraiya: बिधूना तहसील में एसडीएम और वकीलों के बीच भिड़ंत! ⚖️ पेशकार की तैनाती को लेकर गरिमा सोनकिया और बार एसोसिएशन में तीखी बहस। अधिवक्ताओं ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप। मौके पर पहुँची पुलिस। pic.twitter.com/DnM5Z3459l
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 7, 2026
एसडीएम का पक्ष प्रशासनिक अधिकारों में दखल दे रहे थे वकील
वहीं, एसडीएम गरिमा सोनकिया ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा
कर्मचारियों की पटल तैनाती उनका प्रशासनिक विशेषाधिकार है, जिस पर दबाव नहीं बनाया जा सकता।
वार्ता के दौरान कुछ अधिवक्ता चेंबर के भीतर वीडियो बना रहे थे, जिस पर उन्होंने कानूनी आपत्ति जताई थी।
उन्होंने किसी भी अधिवक्ता के साथ अभद्रता करने की बात से पूरी तरह इनकार किया है।
पुलिस ने शांत कराया मामला
हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश बाबू चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने पहले एसडीएम से स्थिति की जानकारी ली और फिर आक्रोशित अधिवक्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को जिले के उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। फिलहाल तहसील में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बना हुआ है।
#Baghpat: खनन माफियाओं ने बर्बाद की कोताना-जागौश सड़क! 🚜 कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण परेशान। डीएम से शिकायत की तैयारी, जल्द बड़ौत तहसील पर होगा धरना। @dm_baghpat pic.twitter.com/LtHOs5z0WO
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 7, 2026






















