बुलंदशहर: गर्मी में जलस्रोतों पर बढ़ता खतरा; प्रशासन ने जारी की ‘जीवन रक्षक’ एडवाइजरी, डूबने की घटनाओं को लेकर दी चेतावनी

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद में भीषण गर्मी के इस दौर में नदियों, तालाबों और घाटों पर उमड़ रही भारी भीड़ के बीच डूबने की बढ़ती घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद में भीषण गर्मी के इस दौर में नदियों, तालाबों और घाटों पर उमड़ रही भारी भीड़ के बीच डूबने की बढ़ती घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बुलंदशहर ने जनहित में एक विस्तृत गाइडलाइन (एडवाइजरी) जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता ही अनमोल जीवन को बचा सकती है।

लापरवाही बन रही जानलेवा

प्राधिकरण के अनुसार, मई और जून की तपती गर्मी से राहत पाने के लिए बच्चे और किशोर अक्सर तालाबों, पोखरों और नदियों की ओर रुख करते हैं। बिना गहराई का अंदाजा लगाए पानी में उतरना और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना कई बार जानलेवा साबित हुआ है। हाल के दिनों में हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने अभिभावकों से अपने बच्चों पर विशेष नजर रखने की अपील की है।

प्रशासन द्वारा जारी महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

खतरनाक स्थानों से दूरी: गहरे गड्ढों, खतरनाक घाटों और अज्ञात जल स्रोतों के पास न जाएं और न ही बच्चों को जाने दें।

ऊंचाई से छलांग न लगाएं: पुल या ऊंचे स्थान से सीधे पानी में कूदना गंभीर चोट और मौत का कारण बन सकता है।

लाइफ जैकेट अनिवार्य: नाव या स्टीमर से यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट का प्रयोग अवश्य करें।

यदि कोई डूब रहा हो, तो खुद पानी में कूदने के बजाय रस्सी, लंबा कपड़ा या बांस का सहारा दें। तैरना न जानने वाले व्यक्ति बचाव के लिए पानी में कतई न उतरें।

आपातकालीन स्थिति में क्या करें

प्रशासन ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को पानी से बाहर निकाला जाए, तो सबसे पहले उसके नाक और मुंह की सफाई करें। सांस या नब्ज न चलने की स्थिति में बिना समय गंवाए सीपीआर और कृत्रिम श्वसन शुरू करें। पीड़ित की स्थिति में थोड़ा सुधार होते ही उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाना सुनिश्चित करें।

सावधानी ही एकमात्र बचाव

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इन नियमों का कड़ाई से पालन करें। जल स्रोतों के पास किसी भी प्रकार के ‘स्टंट’ या लापरवाही से बचें। सामूहिक जागरूकता के माध्यम से ही हम इन दुखद हादसों पर लगाम लगा सकते हैं।

 

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