सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद में पेट्रोल-डीजल की चल रही किल्लत के बीच बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद में पेट्रोल-डीजल की चल रही किल्लत के बीच बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आदेश दिया है कि वे शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराएं।
शिक्षक संगठनों की पहल पर कार्रवाई
ईंधन संकट के कारण शिक्षकों को आ रही समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के महामंत्री कलीमुल्लाह और यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिलाध्यक्ष अभय कुमार पाण्डेय ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। संगठनों का कहना था कि पेट्रोल-डीजल की कमी की वजह से शिक्षक समय पर विद्यालय और जनगणना 2027 के प्रशिक्षण केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
डीएसओ के कड़े निर्देश
शिक्षक संगठनों की मांग पर संज्ञान लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने जनपद के सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए हैं कि
शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और बेसिक शिक्षा परिषद के कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए।
ईंधन प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों को अपना विभागीय पहचान पत्र (Identity Card) दिखाना होगा।
पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ सीएनजी (CNG) की आपूर्ति में भी प्राथमिकता सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य प्रभावित न हों। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 21, 2026






















