बढ़नी/सिद्धार्थनगर
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात कृष्णानगर (नेपाल) पुलिस ने बुधवार को नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

भारत-नेपाल सीमा पर तैनात कृष्णानगर (नेपाल) पुलिस ने बुधवार को नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सीमा पार कर भारत में प्रवेश करने की फिराक में लगे चार नेपाली नागरिकों को धर दबोचा, जिनके पास से 14 किलोग्राम अवैध चरस बरामद हुई है।
घेराबंदी कर पकड़े गए तस्कर
नेपाल के कपिलवस्तु जिले की कृष्णानगर पुलिस को सीमा क्षेत्र से चरस की बड़ी खेप भारत भेजे जाने की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सादे कपड़ों में जवानों को तैनात कर निगरानी बढ़ा दी। बुधवार को जब चार संदिग्ध व्यक्ति भारत की सीमा की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
तस्करी का शातिर तरीका: कमर में बांधी थी बेल्ट
तलाशी के दौरान पुलिसकर्मी उस वक्त हैरान रह गए जब तस्करों के शरीर से चरस बरामद हुई। आरोपियों ने चरस के पैकेटों को अपनी कमर पर बेल्ट की तरह बांध रखा था ताकि सुरक्षा एजेंसियों को शक न हो। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में बताई जा रही है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नकुल घर्ती मगर, दिल कुमारी घर्ती मगर, मनीषा घर्ती मगर और दिलकुमारी घर्ती के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि ये सभी आरोपी केवल ‘कैरियर’ के तौर पर काम कर रहे थे और एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के इशारे पर इस माल को सिद्धार्थनगर के रास्ते भारत के विभिन्न राज्यों में पहुंचाने की तैयारी में थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नेपाल पुलिस के उपाधीक्षक रिपेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि तस्करी के बढ़ते तरीके अब अधिक संगठित और शातिर हो गए हैं। इस बड़ी खेप की बरामदगी ने बढ़नी-कृष्णानगर सीमा पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते यह कार्रवाई न होती, तो यह खेप भारतीय सीमा में प्रवेश कर देश के अन्य हिस्सों में खपा दी जाती।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 21, 2026























