अनूपशहर: गंगा पुल मरम्मत कार्य में धांधली का आरोप; कांग्रेस नेता ज्ञानेंद्र राघव ने अधीक्षण अभियंता से की शिकायत, आंदोलन की चेतावनी

अनूपशहर

बुलंदशहरजनपद के अनूपशहर के ऐतिहासिक गंगा पुल पर करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे मरम्मत कार्य में गुणवत्ता को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहरजनपद के अनूपशहर के ऐतिहासिक गंगा पुल पर करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे मरम्मत कार्य में गुणवत्ता को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। शनिवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के मंडल अध्यक्ष और कांग्रेस के जिला कोऑर्डिनेटर ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीक्षण अभियंता से मुलाकात कर कार्य में भारी अनियमितता का आरोप लगाया और उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

गुणवत्ता विहीन सामग्री और तकनीकी खामियों के आरोप

ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने शिकायत में बताया कि 8 अप्रैल से पुल पर चल रहे मेस्टिक और बीसी (BC) के कार्य में बेहद घटिया दर्जे की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। :

पुल के जॉइंट: मरम्मत के दौरान पुल के जॉइंट्स को तकनीकी रूप से गलत तरीके से नीचा छोड़ दिया गया है।

ड्रेनेज समस्या: पानी निकासी के लिए बनाए गए ड्रेनेज होल्स को भी सतह से नीचा छोड़ दिया गया है, जिससे जलभराव की स्थिति बन सकती है।

एस्टीमेट के विपरीत कार्य: आरोप है कि पूरा कार्य तय एस्टीमेट और मानकों की अनदेखी कर ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से किया जा रहा है।

ठेकेदार को संरक्षण देने का आरोप

शिकायतकर्ता ने लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड बुलंदशहर के अधिकारियों पर ठेकेदार को संरक्षण देने का सीधा आरोप लगाया है। राघव ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही पुल पर गुणवत्ता विहीन कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधीक्षण अभियंता स्वयं मौके पर जाकर गुणवत्ता की जांच नहीं करते और सुधार नहीं होता, तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

अधीक्षण अभियंता ने दिया आश्वासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता मनीष वर्मा ने आश्वासन दिया कि वे स्वयं पुल का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले को लेकर अनूपशहर क्षेत्र के नागरिकों में भी भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत से होने वाले कार्य में भ्रष्टाचार पुल की सुरक्षा और भविष्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

Voice Of News 24