श्रद्धा और आस्था: बुलंदशहर में बंदर की मृत्यु पर ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ दी अंतिम विदाई

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के दानपुर ब्लॉक के ग्राम चौंढेरा मैया न्याय पंचायत सूरजपुर मखैना में आस्था का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के दानपुर ब्लॉक के ग्राम चौंढेरा मैया न्याय पंचायत सूरजपुर मखैना में आस्था का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहाँ एक बंदर की मृत्यु के पश्चात ग्रामीणों ने उसे केवल एक पशु न मानकर, भगवान हनुमान का स्वरूप मानते हुए पूरे विधि-विधान और राजकीय सम्मान जैसी भव्यता के साथ अंतिम विदाई दी।

बंदर की मृत्यु की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और सर्वसम्मति से उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से करने का निर्णय लिया। इस दौरान भक्ति का ऐसा ज्वार उमड़ा कि युवक डीजे की धुनों पर “जय श्री राम” और “बजरंगबली” के जयकारे लगाते हुए और गुलाल उड़ाते हुए गंगा घाट की ओर चल पड़े। पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण और धार्मिक नारों से गूंज उठा।

इस पुनीत कार्य में अर्जुन, आकाश, निखिल, अंकित, दुष्यंत, विनोद, मुकुल, धर्मेंद्र और हिमांशु चौधरी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने सक्रिय सहयोग किया। गंगा किनारे पूरे श्रद्धा भाव से बंदर का दाह संस्कार संपन्न कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन उनकी अटूट धार्मिक परंपरा और जीवों के प्रति दया भाव का प्रतीक है। इस घटना ने क्षेत्र में सांप्रदायिक एकता और जीव-प्रेम की एक नई मिसाल पेश की है।

 

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