बुलंदशहर
बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र अंतर्गत राजघाट स्थित ऐतिहासिक पातालेश्वर महादेव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ सुनाया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र अंतर्गत राजघाट स्थित ऐतिहासिक पातालेश्वर महादेव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ सुनाया गया। कथा व्यास राधा कृष्ण शास्त्री जी ने शिव विवाह के आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
तपस्या से प्राप्त हुए महादेव
कथा व्यास ने बताया कि माता सती के देह त्याग के बाद भगवान शिव वैराग्य में चले गए थे। हिमालय पुत्री माता पार्वती ने उन्हें पुन: पति रूप में प्राप्त करने के लिए वर्षों तक कठिन साधना की। उनकी इसी अटूट भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया।
अद्भुत रही शिव की बारात
विवाह प्रसंग के दौरान शिव की अनोखी बारात का जीवंत वर्णन किया गया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान शिव की बारात में देवता, असुर, भूत-प्रेत और डाकनी-शाकिनी जैसे विचित्र बाराती शामिल थे। शिव के भस्म और सर्प धारण किए विकराल रूप को देखकर माता मैना भयभीत हो गई थीं, जिसके बाद माता पार्वती के आग्रह पर भोलेनाथ ने अत्यंत सुंदर वर रूप धारण किया।
भक्ति और संतुलन का संदेश
शास्त्री जी ने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन हुआ यह पावन मिलन प्रेम, भक्ति और संसार में संतुलन का प्रतीक है। इस प्रसंग को सुनने और आत्मसात करने से वैवाहिक सुख एवं सौभाग्य की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान कलाकारों द्वारा शिव-विवाह की झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिस पर भक्तों ने जमकर पुष्प वर्षा की।
श्रद्धालुओं की रही भारी भीड़
कथा के मुख्य यजमानों सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आरती के समय पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गुंजायमान रहा। कथा के उपरांत सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
आज के दौर में जहाँ चंद रुपयों के लिए इंसानियत दम तोड़ देती वहीं बुलंदशहर के एक छोटे से दुकानदार ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। pic.twitter.com/XfqsSZaJz1
— Voice of News 24 (@VOfnews24) March 13, 2026






















