औरैया: दशकों बाद लौटी ‘डोली वाली विदाई’, पुरानी परंपरा देख भावुक हुए नगरवासी

औरैया

औरैया आज के आधुनिक दौर में जहाँ शादियों में लग्जरी कारों और हेलीकॉप्टर का क्रेज बढ़ रहा है, वहीं औरैया के फफूंद नगर में एक ऐसी विदाई देखने को मिली जिसने 50 साल पुराने दौर की यादें ताजा कर दीं। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

औरैया आज के आधुनिक दौर में जहाँ शादियों में लग्जरी कारों और हेलीकॉप्टर का क्रेज बढ़ रहा है, वहीं औरैया के फफूंद नगर में एक ऐसी विदाई देखने को मिली जिसने 50 साल पुराने दौर की यादें ताजा कर दीं। मोहल्ला ऊंचा टीला में गुरुवार सुबह दुल्हन की विदाई डोली और पालकी में हुई, जिसे देखने के लिए पूरा मोहल्ला उमड़ पड़ा।

दूल्हे की इच्छा ने जीवंत की परंपरा

जानकारी के अनुसार, कन्नौज के मकरंद नगर निवासी अभय कुमार की बारात फफूंद निवासी संजय कुमार के घर आई थी। विवाह की रस्में संपन्न होने के बाद दूल्हे अभय कुमार ने अपनी दुल्हन मुस्कान को पारंपरिक डोली में विदा करने की इच्छा जताई। दूल्हे की इस अनोखी पहल का वधू पक्ष ने भी सम्मान किया और इस दुर्लभ विदाई के लिए खास तौर पर कहारों और पालकी का इंतजाम किया गया।

लुप्त होती संस्कृति का अनूठा दृश्य

तड़के सुबह जब दुल्हन मुस्कान को डोली में बिठाकर कहारों ने कंधे पर उठाया, तो यह दृश्य देख बुजुर्गों की आँखें नम हो गईं और युवाओं के लिए यह कौतूहल का विषय बन गया। दशकों पहले तक शादी का अभिन्न हिस्सा रही यह परंपरा अब केवल फिल्मों या कहानियों तक सीमित रह गई थी, जिसे फिर से जीवंत देख नगरवासियों ने इस सराहनीय पहल की जमकर प्रशंसा की।

हर तरफ हो रही चर्चा

सोशल मीडिया और आधुनिकता की चकाचौंध के बीच इस ‘विंटेज’ स्टाइल विदाई ने क्षेत्र में चर्चा बटोर ली है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी परंपराएं हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करती हैं। यह आयोजन न केवल दोनों परिवारों के लिए यादगार बना, बल्कि समाज को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश भी दे गया।

 


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