सिद्धार्थनगर: आयतुल्लाह अली खामनेई की शहादत पर वासा दरगाह में कैंडल मार्च, गूंजे अमेरिका-इजरायल विरोधी नारे

डुमरियागंज

सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र स्थित वासा दरगाह में सोमवार रात ईरान के सर्वोच्च रूहानी रहबर (शिया लीडर) आयतुल्लाह अली खामनेई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र स्थित वासा दरगाह में सोमवार रात ईरान के सर्वोच्च रूहानी रहबर (शिया लीडर) आयतुल्लाह अली खामनेई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। इस अवसर पर इंजीनियर इमरान लतीफ के नेतृत्व में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।

कैंडल मार्च रात 8 बजे वासा दरगाह स्थित बारगाहे हुसैन से शुरू हुआ। जुलूस में बच्चे, बूढ़े और जवान सभी हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां और अपने रहबर की तस्वीरें लिए शामिल हुए। गांव के अंदर भ्रमण करते हुए जब यह मार्च मुख्य मार्ग पर पहुंचा, तो प्रदर्शनकारियों ने “अमेरिका मुर्दाबाद”, “इजरायल मुर्दाबाद” और “ट्रंप होश में आओ” जैसे तीखे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

इंसानियत और हक के सिपाही थे खामनेई

मार्च के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए इंजीनियर इमरान लतीफ ने कहा कि आज पूरी दुनिया के हक पसंद लोगों के लिए यह अत्यंत दुख की घड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अली खामनेई को अमेरिका और इजरायल ने साजिश के तहत निशाना बनाया है। लतीफ ने उन्हें इमाम हुसैन के सिद्धांतों पर चलने वाला सच्चा सिपाही बताते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन त्याग, धैर्य और न्याय के लिए समर्पित रहा।

 

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