कपिलवस्तु पर्यटन स्थल की बदहाली पर उठे सवाल: ₹14.92 करोड़ की योजना खंडहर में तब्दील, उच्चस्तरीय जांच की मांग

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन स्थल कपिलवस्तु में करोड़ों की लागत से विकसित पर्यटन केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन स्थल कपिलवस्तु में करोड़ों की लागत से विकसित पर्यटन केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। स्थानीय निवासी शौकत अली द्वारा मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री और जिलाधिकारी को भेजी गई लिखित शिकायत के बाद यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायतकर्ता ने स्थल की जर्जर स्थिति और वहां व्याप्त अनैतिक गतिविधियों के साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

करोड़ों की लागत, पर सुविधाएं नदारद

भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना (बौद्ध सर्किट) के तहत लगभग ₹1492.54 लाख की लागत से इस परियोजना का निर्माण किया गया था। इसका लोकार्पण 4 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। योजना में लाइट एंड साउंड शो, थीम पार्क, आर्ट गैलरी और फूड प्लाजा जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल थीं। लेकिन वर्तमान में पाथवे उखड़ चुके हैं, लाइट एंड साउंड शो बंद पड़ा है और पूरा परिसर रखरखाव के अभाव में खंडहर नजर आ रहा है।

अनैतिक गतिविधियों का अड्डा बना परिसर

शिकायत में शौचालयों और परिसर के भीतर आपत्तिजनक वस्तुएं मिलने का गंभीर आरोप लगाया गया है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के निकट स्थित होने के कारण छात्रों पर इसके नकारात्मक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि धूमिल होने की चिंता व्यक्त की गई है।

विधायक और प्रशासन सख्त

मामला संज्ञान में आने पर स्थानीय विधायक माननीय श्यामधनी राही ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच की बात कही है। हाल ही में यूपी राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार (IAS) ने भी स्थल का निरीक्षण कर तत्काल मरम्मत और सफाई के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह है कि करोड़ों की यह सरकारी संपत्ति कागजों से निकलकर कब तक धरातल पर सुधर पाती है।

 

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