बरेली: कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठे पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, पुलिस महकमे में हड़कंप

बरेली

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से लेकर सड़कों तक इस वक्त UGC के नए नियमों और अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को लेकर संग्राम छिड़ा हुआ है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से लेकर सड़कों तक इस वक्त UGC के नए नियमों और अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को लेकर संग्राम छिड़ा हुआ है। ताज़ा घटनाक्रम में, बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री देर रात अपना सरकारी आवास खाली करने के बाद अब कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठ गए हैं।

कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री

 

मूल रूप से कानपुर के रहने वाले अलंकार एक मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने IIT-BHU से बीटेक किया और 10 साल आईटी सेक्टर में काम करने के बाद पहले ही प्रयास में PCS परीक्षा पास की। उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ में अपनी सेवाएं देने के बाद मई 2025 में उन्होंने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का पद संभाला था। फिलहाल, उनके समर्थन में समर्थकों का हुजूम उमड़ रहा है, जिससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अलंकार अग्निहोत्री से बात की

निलंबित किए जाने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने फोन कर अलंकार अग्निहोत्री से बात की. उन्होंने कहा कि आपके साथ जो हुआ गलत हुआ है. नौकरी में आप जिस पद पर थे, धर्म क्षेत्र में उससे भी बड़ा पद आपको दिया जाएगा. शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें दुख है कि अलंकार अग्निहोत्री ने कितने लगन से पढ़ाई-लिखाई की होगी, तब जाकर इस पद पर पहुंचे होंगे. अब एक झटके में आपका यह पद चला गया, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने जिस तरह सनातन धर्म के प्रति अपनी गहन निष्ठा का प्रदर्शन किया है, उससे पूरा सनातनी समाज उनका अभिनंदन करता है.

 

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