जस्टिस सूर्यकांत बने देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश, 15 महीने के कार्यकाल की शुरुआत

ब्यूरो रिपोर्ट

जस्टिस सूर्यकांत ने आज सोमवार 24 नवंबर को सुबह 10 बजे भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जस्टिस सूर्यकांत ने आज सोमवार 24 नवंबर को सुबह 10 बजे भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें देश के सबसे ऊंचे ज्यूडिशियल ऑफिस की शपथ दिलाई।

इस गरिमापूर्ण समारोह में जोहांसबर्ग से जी-20 समिट अटेंड करके लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। उनके अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे।

15 महीने के कार्यकाल की शुरुआत

जस्टिस सूर्यकांत के CJI पद पर शपथ लेने के साथ ही, देश के सर्वोच्च न्यायिक कार्यालय में उनके 15 महीने के कार्यकाल की शुरुआत हो गई है। वह निवर्तमान CJI गवई का स्थान लेंगे, जिन्होंने रविवार को 65 साल की उम्र में यह पद छोड़ दिया।

नियुक्ति प्रक्रिया

राष्ट्रपति ने निवर्तमान CJI गवई की सिफारिश के बाद ‘संविधान के आर्टिकल 124 के क्लॉज (2) से दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए’ जस्टिस सूर्यकांत को भारत का अगला चीफ जस्टिस नियुक्त किया था। इस तरह, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज को अपना उत्तराधिकारी बनाने की परंपरा को बनाए रखा।

जस्टिस सूर्यकांत: न्यायिक सफर

जस्टिस सूर्यकांत का न्यायिक सफर उपलब्धियों से भरा रहा है:

जुलाई 2000: उन्हें हरियाणा का सबसे कम उम्र का एडवोकेट जनरल बनाया गया।

2001: उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला।

9 जनवरी 2004: वह पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के परमानेंट जज बने।

अक्टूबर 2018 – 24 मई 2019: उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति से पहले हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर काम किया।

नवंबर 2024 से: वह सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन के तौर पर कार्यरत थे।

आज 24 नवंबर 2025 को सुबह 10 बजे, उन्होंने देश के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली।

 

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