हापुड़ में अनोखी परंपरा: सुबह-सवेरे जलाया गया बुराई का प्रतीक रावण

हापुड़

हापुड़ जनपद के विजयदशमी पर्व के अवसर पर हापुड़ के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में शुक्रवार तड़के बुराई पर अच्छाई की जीत का भव्य और अनूठा उत्सव मनाया गया। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


हापुड़ जनपद के विजयदशमी पर्व के अवसर पर हापुड़ के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में शुक्रवार तड़के बुराई पर अच्छाई की जीत का भव्य और अनूठा उत्सव मनाया गया। जहां देश के अधिकांश हिस्सों में रावण दहन रात को होता है, वहीं हापुड़ में सुबह-सवेरे रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशाल पुतले धू-धू कर जल उठे।

श्रीराम के तीर से हुआ दशानन का दहन
गुरुवार रात से ही रामलीला मैदान में जनसैलाब उमड़ पड़ा था। महिला, पुरुष और बच्चों सहित हजारों दर्शकों ने रात भर रामलीला के मंचन का आनंद लिया। इस प्राचीन परंपरा को निभाते हुए, शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे भगवान श्रीराम के तीर लगते ही दशानन का दहन हुआ।

रावण दहन के साथ ही पूरा वातावरण ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा। हजारों लोगों ने एक साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का यह भव्य क्षण देखा और उसका जश्न मनाया।

रंगारंग आतिशबाजी और आकर्षण का केंद्र
इस अवसर पर भव्य और रंग-बिरंगी आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया, जिसका दर्शकों ने खूब लुत्फ़ उठाया। मेले में जलपरी और बड़े-बड़े झूले आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे। हापुड़ समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इस प्राचीन और प्रसिद्ध मेले में शामिल होने पहुंचे थे, जिससे दुकानदारों में भी काफी उत्साह देखने को मिला।

पुलिस और प्रशासन के अधिकारी रात भर सुरक्षा व्यवस्था संभालने में मुस्तैद रहे, ताकि विशाल जनसमूह के बीच दशहरा मेले का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

 

 

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