अवैध मेडिकल स्टोर के इलाज से युवक की मौत, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद पंचायत भारत भारी में बुधवार देर शाम एक अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। परसा इमाद निवासी शाहिद (22 वर्ष) को बुखार और बदन दर्द की शिकायत थी, जिसे परिजन मोतीगंज चौराहे स्थित चौधरी मेडिकल स्टोर पर ले गए थे। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट 

स्थानीय लोगों के अनुसार, मेडिकल स्टोर संचालक महेंद्र ने बिना किसी चिकित्सकीय योग्यता के शाहिद को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही शाहिद की हालत बिगड़ने लगी और वह पूरी तरह बेहोश हो गया। परिजन आनन-फानन में उसे पीएचसी डुमरियागंज ले गए, जहां से गोरखपुर रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही शाहिद ने दम तोड़ दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि महेंद्र के इलाज से पहले भी सात लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।

लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में दर्जनों अवैध मेडिकल स्टोर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जो बिना किसी डिग्री व लाइसेंस के इलाज कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता और मिलीभगत के चलते इनका संचालन लगातार जारी है।

परिजन का कहना है कि शाहिद को केवल मामूली बुखार और बदन दर्द था, लेकिन मेडिकल स्टोर संचालक ने उसे ऐसा इंजेक्शन लगा दिया जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई और उसकी जान चली गई।

इस मामले में सीएचसी बेवा के अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन यदि मामला सही पाया गया तो जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

 

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