सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर में रमजान के तीसरे जुमे के अवसर पर जनपदों की मस्जिदों में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रमजान के तीसरे जुमा की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ हुई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर में रमजान के तीसरे जुमे के अवसर पर जनपदों की मस्जिदों में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रमजान के तीसरे जुमा की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ हुई। रमजानुल मुबारक के पाक महीने के तीसरे जुमा की नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हल्लौर स्थित जामा मस्जिद में पेश-ए-इमाम मौलाना शाहकार हुसैन जैदी ने नमाजियों को संबोधित किया।
मौलाना जैदी ने अपने संबोधन में कहा कि जैसे नमाज फर्ज है, वैसे ही रोजा रखना भी हर मुसलमान पर अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जानबूझकर एक भी रोजा छोड़ना बड़ा गुनाह है। हदीस में रमजान के महीने के महत्व और रोजे की विशेष महिमा का भी उल्लेख किया गया है। मौलाना ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे आग लकड़ी को राख में बदल देती है, वैसे ही रमजान के महीने में अल्लाह तबारक व ताला इंसान के गुनाहों को माफ कर देते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस्लामी कैलेंडर में रमजान को हिजरी महीना कहा जाता है, इस पाक माह में कुरान पढ़ने का विशेष महत्व होता है। यह महीना गरीबों और यतीमों की मदद करने का भी समय है। रमजान में सदका और खैरात देने का बड़ा महत्व है, और इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, जकात और सदका दिए बिना ईद की नमाज स्वीकार नहीं होती।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) March 10, 2025


















