महराजगंज जनपद में बने बहुरहवा बाबा मंदिर को आखिर लोग क्यों मानते हैं आस्था का प्रतीक

Voice Of News 24 

23 Jul 2024 17:02 PM

महराजगंज

महराजगंज जनपद के कोठीभार थाना अंतर्गत स्थित बहुरहवा बाबा मंदिर का ऐसा कौन-सा इतिहास है, जिससे लोगों में इस मंदिर के प्रति सदियों से आस्था जुड़ी हुई है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅयस ऑफ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के कोठीभार थाना क्षेत्र अंतर्गत घीहूवाय ग्राम में स्थित महादेव के शिवलिंग का दूर-दूर से दर्शन करने श्रद्धालु आते हैं। मान्यता के अनुसार यह सदियों पुराना शिवलिंग है,वर्तमान पुजारी राजाराम जो 1986 वर्ष पूर्व अपने परिवार को छोड़कर इस मंदिर में आकर रहने लगे उन्होंने इस मंदिर के बारे में बताया कि जो महादेव का शिवलिंग है वह जंगल और झाड़ी घास-फूस में दबा हुआ था उसके बाद उसी समय जब वहां के लोगों की इस शिवलिंग पर नजर पड़ी तो लोगों ने उस घास फूस को हटाया तो देखा वहां शिवलिंग है तब वहां के लोगों ने उस महादेव के शिवलिंग की पूजा और जल अभिषेक करना शुरू कर दिया। वहां के साधु राजा राम ने वाॅयस ऑफ न्यूज 24 के संवाददाता को बताया किंजू रमता गिरी वहां के पुराने साधु थे जब हम 1986 में अपने परिवार को छोड़कर आए जो पुराने साधु रमता गिरी थे वही महाराज जी ने हमें साधु बनाया और हम लोग बसों में चारों तरफ घूम-घूम कर हर ग्राम में सभा में एक-एक रूपय चंदा मांगना शुरू कर दिया उसके बाद मंदिर निर्माण कार्य में जुट गए। उसके बाद उन्होंने बताया कि हमें स्थानीय लोगों का बहुत अच्छा मदद मिलना शुरू हो गया, धीरे-धीरे मंदिर निर्माण कार्य शुरू कार्य का शुभारंभ किया गया। तथा बाद में यही मंदिर भव्य मंदिर के रूप में परिवर्तित हो गया। वर्तमान समय की बात करें तो इस मंदिर में जगह-जगह के श्रद्धालु आते हैं, और यहां हमेशा रुद्राभिषेक होता रहता है।
स्थानीय गांव के बुजुर्गो एवं मंदिर के संतों की मानें तो जो बऊरहवा बाबा का दर्शन कर लिया उसकी सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है।

Maharajganj News 

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