Voice Of News 24
06 Apr 2024 16:37 PM
गोरखपुर पुलिस ने नकली स्टाम्प बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 84 वर्षीय मोहम्मद कमरुद्दीन समेत सात शातिरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक करोड़ 52 हजार 30 रुपये के नकली स्टाम्प के अलावा छपाई मशीन, यूपी व बिहार के गैर-न्यायिक स्टाम्प, एक लैपटॉप, सौ पैकेट इंक, पेपर कटर मशीन और सादे कागज बरामद हुए हैं।

पुलिस के अनुसार मोहम्मद कमरुद्दीन (84) ही इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह पिछले 40 साल से इस धंधे में लिप्त है। इस धंधे में उसका नाती साहेबजादे भी शामिल है। कमरुद्दीन बिहार के सिवान जिले में फर्जी स्टाम्प छापकर छापकर गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज के अलावा यूपी के दूसरे हिस्सों में बेचता था।
क्या कहना पुलिस का
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने प्रेसवार्ता में बताया, गोरखपुर कोर्ट में इस्तेमाल नकली स्टाम्प का मामला सामने आने के बाद केस दर्ज किया था। एसआईटी की तीन महीने की जांच के आधार पर ये गिरफ्तारियां हुई हैं। कुशीनगर के एक वेंडर की गिरफ्तारी के बाद सिवान के कमरुद्दीन का नाम सामने आया था। उसकी गिरफ्तारी से ही पूरा मामला खुला। कमरुद्दीन को बिहार पुलिस ने 1986 में जेल भी भिजवाया था, पर वह कोर्ट से बरी हो गया था। एसएसपी ने बताया, गिरोह में शामिल कई और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।


















