नगीना देहात (बिजनौर)
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद बिजनौर जिले में खनन माफिया नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद बिजनौर जिले में खनन माफिया नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ताजा मामला थाना नगीना देहात क्षेत्र के ग्राम कमरुद्दीन नगर से सामने आया है, जहाँ मिट्टी खनन माफिया खुलेआम अवैध रूप से मिट्टी का उठान कर सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल में शासन और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मौन साधे हुए है।
प्रतिबंधों के बावजूद रात-दिन चल रहा अवैध खेल
संवाददाता मोहम्मद सलीम मलिक की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम कमरुद्दीन नगर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध मिट्टी खनन का धंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। शासन की ओर से बिना अनुमति और बिना रॉयल्टी के मिट्टी उठाने पर सख्त रोक है, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर यहाँ बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही है। खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो पुलिस का डर है और न ही प्रशासनिक अधिकारियों का।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा अवैध कारोबार स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा इस मामले पर आँखें मूंद लेना और माफियाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करना सीधे तौर पर व्यवस्था और सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि बार-बार ध्यान आकर्षित कराए जाने के बाद भी जिम्मेदार अफसर मौन क्यों हैं?
उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन की उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों के झूठे आश्वासनों से तंग आकर अब ग्रामीण अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। ताजा मामला सिद्धार्थनगर जिले के इटवा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत औरहवा के बड़ईया टोले से सामने आया है। pic.twitter.com/lPuUhpC40x
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 14, 2026












