इटवा/सिद्धार्थनगर
जब वादे धरातल पर नहीं उतरते, तो जनता का आक्रोश नए रास्ते तलाश लेता है। ऐसा ही एक अनोखा और प्रशासनिक व्यवस्था को आईना दिखाता मामला।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जब वादे धरातल पर नहीं उतरते, तो जनता का आक्रोश नए रास्ते तलाश लेता है। ऐसा ही एक अनोखा और प्रशासनिक व्यवस्था को आईना दिखाता मामला सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा ब्लॉक से सामने आया है। यहाँ की ग्राम पंचायत औरहवा के बड़ईया टोले में वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क का निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। बारिश के बाद कीचड़ और पानी से लबालब भरे रास्ते को ही ग्रामीणों ने खेत मान लिया और उस पर धान की रोपाई कर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन किया।
आज़ादी के 7 दशक बाद भी पक्की सड़क को तरस रहा टोला
ग्रामीणों ने बेहद आक्रोशित लहजे में बताया कि देश की आज़ादी के सात दशक से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनके बड़ईया टोले को आज तक एक अदद पक्की सड़क की सुविधा नसीब नहीं हो सकी है। हर साल मानसून की बारिश आते ही यह मुख्य मार्ग पूरी तरह से दलदल और गहरे तालाब में तब्दील हो जाता है। इस नारकीय स्थिति के कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों, बुजुर्गों, आपातकालीन स्थिति में गर्भवती महिलाओं और आम राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। आए दिन लोग इस दलदल में फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
नेताओं और अफसरों ने दिए सिर्फ खोखले आश्वासन
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों (नेताओं) से लेकर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक लिखित और मौखिक शिकायतें दे चुके हैं। लेकिन, हर बार उन्हें केवल फाइलों और बयानों में खोखले आश्वासन ही थमा दिए गए, धरातल पर काम शून्य रहा। इसी अनदेखी से तंग आकर ग्रामीणों को यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
कीचड़ भरे रास्ते पर धान की फसल रोपकर विरोध जताने वाले ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि इस अनोखे प्रदर्शन के बाद भी कुंभकर्णी नींद में सोए लोक निर्माण विभाग और संबंधित प्रशासन ने जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया, तो आने वाले दिनों में वे अपने इस आंदोलन को और अधिक उग्र व तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन की उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों के झूठे आश्वासनों से तंग आकर अब ग्रामीण अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। ताजा मामला सिद्धार्थनगर जिले के इटवा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत औरहवा के बड़ईया टोले से सामने आया है। pic.twitter.com/lPuUhpC40x
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 14, 2026












