अलीगढ़
अलीगढ़ संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले सोमवार को किसानों और श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय महासचिव धीरज सिंह के कासिमपुर स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित किया गया। आंदोलन का नेतृत्व संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान शाह और भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव धीरज सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
प्रदर्शन के बाद संगठनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक 4-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि नगोला गांव के पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिला और क्षेत्र को प्रदूषण व जाम से मुक्ति नहीं मिली, तो दोनों संगठन मिलकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन में उठाई गईं 4 मुख्य मांगें:
कासिमपुर पावर हाउस के ऐश यार्ड से नुकसान का मुआवजा: नगोला गांव के खेतों में पावर हाउस के ऐश यार्ड (राख क्षेत्र) से भारी जलभराव हुआ है, जिससे फसलें नष्ट हो गई हैं। प्रशासन तुरंत सर्वे कराकर मुआवजा दे और जलभराव का स्थायी समाधान करे।
सीमेंट फैक्ट्रियों के प्रदूषण पर रोक: क्षेत्र में संचालित जेके सीमेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्रियों द्वारा फैलाए जा रहे वायु प्रदूषण से स्थानीय लोगों और बच्चों के स्वास्थ्य को खतरा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस पर सख्त कार्रवाई करे।
खाद की किल्लत का समाधान: अलीगढ़ जिले में इस समय डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत है। सरकारी केंद्रों और सोसाइटियों पर किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित की जाए।
अल्ट्राटेक फैक्ट्री के कारण लगने वाले जाम से मुक्ति: फैक्ट्री के भारी वाहनों के कारण मुख्य सड़कों पर घंटों लंबा जाम लगता है, जिससे आम जनता, एम्बुलेंस और स्कूली बच्चे परेशान होते हैं। प्रशासन यातायात प्रबंधन दुरुस्त करे।
“सड़क से शासन तक लड़ी जाएगी हक की लड़ाई”
“एक तरफ अलीगढ़ का किसान खाद की कमी से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ कासिमपुर पावर हाउस की राख और सीमेंट फैक्ट्रियों के जहरीले धुएं ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। कॉरपोरेट कंपनियों और सरकारी विभागों की इस तानाशाही व लापरवाही का खामियाजा गरीब किसान और मजदूर नहीं भुगतेगा। हक की इस लड़ाई को सड़क से लेकर शासन तक लड़ा जाएगा।”
— मोहम्मद रिजवान शाह (जिलाध्यक्ष) एवं धीरज सिंह (राष्ट्रीय महासचिव)
इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान दोनों संगठनों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, भारी संख्या में स्थानीय किसान, श्रमिक और नगोला गांव के ग्रामीण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।













