सिद्धार्थनगर
भारत-नेपाल सीमा के सबसे प्रमुख और व्यस्त व्यापारिक मार्गों में से एक ‘खुनुवां बॉर्डर’ पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। सीमावर्ती खुनुवां बाज़ार में रोजाना लगने वाले भीषण जाम के कारण स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और दोनों देशों के बीच आने-जाने वाले पर्यटकों का जीना मुहाल हो गया है। प्रशासनिक उदासीनता के चलते अंतर्राष्ट्रीय महत्व के इस मार्ग पर चलना किसी मुसीबत से कम नहीं रह गया है।
बिना पासिंग वाले ट्रकों की अवैध पार्किंग बनी नासूर
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का गंभीर आरोप है कि नेपाल जाने वाले ऐसे मालवाहक ट्रक, जिनकी कागजी औपचारिकताएं या पासिंग पूरी नहीं होती, उन्हें कस्टम या होल्डिंग एरिया में खड़ा करने के बजाय सीधे खुनुवां बाज़ार की मुख्य सड़क पर पार्क कर दिया जाता है। सीमा पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन द्वारा उनके लिए कोई निश्चित पार्किंग जोन तय नहीं किया गया है। नतीजतन, ये विशालकाय ट्रक बीच बाज़ार में ही डेरा जमा लेते हैं, जिससे मुख्य सड़क संकरी गली में तब्दील हो जाती है।
बीच सड़क पर सवारियां भर रहे टेम्पो और ई-रिक्शे
रही-सही कसर स्थानीय टेम्पो, ऑटो और ई-रिक्शा (बैटरी रिक्शा) चालक पूरी कर रहे हैं। बिना किसी खौफ के ये वाहन चालक मुख्य चौराहे और व्यस्त सड़कों के बीचो-बीच अपने वाहन आड़े-तिरछे खड़े कर सवारियां बैठाते हैं। इससे हर 10 मिनट में यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है और देखते ही देखते सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
व्यापार चौपट, पर्यटकों के सामने धूमिल हो रही देश की छवि
जाम की इस बदतर स्थिति का सीधा असर खुनुवां बाज़ार के व्यापारियों पर पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि हर वक्त लगे रहने वाले जाम और धूल-धुएं के कारण दूर-दराज के ग्राहकों ने बाज़ार आना कम कर दिया है, जिससे उनका कारोबार चौपट होने की कगार पर है। वहीं, नेपाल और भारत के बीच यात्रा करने वाले विदेशी पर्यटकों को भी घंटों इस जाम में फंसे रहना पड़ता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सीमा क्षेत्र के प्रबंधन की छवि धूमिल हो रही है।
स्थानीय नागरिकों की मुख्य मांगें
बाज़ार क्षेत्र में अवैध रूप से खड़े होने वाले बिना पासिंग के ट्रकों के खिलाफ तत्काल सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
मुख्य सड़क पर सवारी भरने वाले टेम्पो और ई-रिक्शों के लिए बाज़ार से हटकर एक अलग ‘वाहन स्टैंड’ निर्धारित किया जाए।
व्यस्त समय में यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए बॉर्डर और बाज़ार क्षेत्र में स्थायी ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती हो।
प्रशासनिक कदम का इंतज़ार
क्षेत्रीय जनता ने जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करने की पुरज़ोर मांग की है। लोगों का साफ कहना है कि यदि समय रहते इस अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश द्वार की यातायात व्यवस्था को नहीं सुधारा गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेगी।












