सिद्धार्थनगर
अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित चंदा और चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर आज सिद्धार्थनगर में जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष काज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सदर तहसील से लेकर प्रसिद्ध हनुमान मंदिर तक ‘सद्बुद्धि यात्रा’ निकाली। इस दौरान कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा
‘सद्बुद्धि यात्रा’ के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश चरम पर दिखा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आस्था के सबसे बड़े केंद्र में इस तरह की चोरी बेहद शर्मनाक है।
“मुख्य आरोपियों को बचा रही है सरकार” – कांग्रेस
मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस के प्रदेश सचिव नादिर सलाम और जिला अध्यक्ष काज़ी सुहेल अहमद ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए।
दबाव में हुई कार्रवाई: कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि जब कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर कड़ा विरोध जताया, तब जाकर कहीं पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और कुछ औपचारिकता वाली गिरफ्तारियां कीं।
असली गुनहगार अब भी बाहर: नेताओं ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के जो मुख्य सूत्रधार और बड़े आरोपी हैं, उन्हें सरकार और प्रशासन का वरदहस्त प्राप्त है, जिसके कारण उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं का बयान
“यह भगवान के घर में डकैती का मामला है। हम हनुमान जी से प्रार्थना करने आए हैं कि वह इस अंधी-बहरी सरकार और भ्रष्टाचारियों को सद्बुद्धि दें। जब तक मुख्य आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाता, कांग्रेस का यह आंदोलन थमने वाला
नहीं है।”












