सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद के सीमावर्ती क्षेत्र नगर पंचायत बढ़नी में सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं के बढ़ते हौसलों का एक बड़ा खुलासा हुआ है। नगर पंचायत अध्यक्ष (चेयरमैन) सुनील कुमार अग्रहरि ने प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि नगर पंचायत की लगभग 50 प्रतिशत भूमि पर भू-माफियाओं और रसूखदारों द्वारा अवैध व अनाधिकृत रूप से कब्जा कर लिया गया है।
इस गंभीर मामले को लेकर चेयरमैन ने सोमवार (06 जुलाई 2026) को जिलाधिकारी (DM) सिद्धार्थनगर को एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप करने और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
कागजों में रजिस्टर, धरातल पर गायब है जमीन
जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में चेयरमैन सुनील कुमार अग्रहरि ने उल्लेख किया है कि नगर पंचायत की संपत्तियों का सरकारी रजिस्टर (अभिलेख) तो कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन आज तक उन भूमियों का धरातल पर विधिवत चिन्हांकन (पैमाइश) नहीं कराया गया है। इसी ढुलमुल व्यवस्था का फायदा उठाकर स्थानीय भू-माफियाओं ने नगर पंचायत की कीमती सार्वजनिक जमीनों पर अवैध रूप से पक्के निर्माण और कब्जे जमा लिए हैं।
पूर्व की शिकायतों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
चेयरमैन ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में कई बार अपर जिलाधिकारी (ADM) और उपजिलाधिकारी (SDM) शोहरतगढ़ को लिखित तौर पर अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद भी अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा अब तक कोई प्रभावी या ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई, जिससे भू-माफियाओं के हौसले और बुलंद होते गए।
चेयरमैन सुनील अग्रहरि की मुख्य मांगें:
राजस्व विभाग की विशेष टीम गठित कर नगर पंचायत की समस्त भूमि का राजस्व अभिलेखों के अनुसार तत्काल चिन्हांकन (पैमाइश) कराया जाए।
चिन्हित की गई जमीनों से अवैध अतिक्रमण को बलपूर्वक ढहाया जाए।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध कब्जाधारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाए।
जनहित के विकास कार्य हो रहे प्रभावित
चेयरमैन का कहना है कि आधी से ज्यादा जमीन पर अवैध कब्जा होने के कारण नगर पंचायत क्षेत्र में पार्क, सामुदायिक भवन, डंपिंग ग्राउंड और जनहित से जुड़ी अन्य विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। यदि इन संपत्तियों को समय रहते मुक्त करा लिया जाए, तो इनका उपयोग जनता की भलाई और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए किया जा सकेगा।
अब देखना यह होगा कि इस सीमावर्ती और संवेदनशील नगर पंचायत के चेयरमैन की इस गंभीर शिकायत पर जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।












