जौनपुर
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में प्रशासनिक संवेदनहीनता और लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर के प्रसिद्ध हनुमान घाट के पास मंगलवार शाम करीब 5 बजे गोमती नदी के बीचों-बीच एक गाय का शव तैरता हुआ देखा गया। कई घंटे बीत जाने के बाद भी शव को नदी से नहीं निकाला जा सका, जिसे लेकर स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हनुमान घाट एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ रोज़ाना सैकड़ों श्रद्धालु स्नान, पूजा-पाठ और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुँचते हैं। पवित्र गोमती नदी के पानी में इस तरह पशु का शव पड़े रहने से न केवल लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि जल प्रदूषण और संक्रमण फैलने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।
घाट पर मौजूद स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और संबंधित पशुधन विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि सूचना के बाद भी ज़िम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
“प्रशासन को तुरंत हरकत में आते हुए शव को नदी से बाहर निकालना चाहिए और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उसका विधिवत निस्तारण (भू-समाधि) कराना चाहिए, ताकि नदी की स्वच्छता और पवित्रता बनी रहे।”
मौत के कारणों का पता नहीं
फिलहाल यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गाय की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव नदी में कैसे पहुँचा लेकिन इस घटना ने शहर की सफाई व्यवस्था और मवेशियों की देखरेख के दावों की पोल खोलकर रख दी है।













