गोरखपुर: 25 हजार की इनामी निलंबित BSA शालिनी श्रीवास्तव दिल्ली से गिरफ्तार, शिक्षक को आत्महत्या के लिए उकसाने का है आरोप

गोरखपुर

गोरखपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 4 महीने से फरार चल रही देवरिया जिले की निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को मंगलवार रात दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

गोरखपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 4 महीने से फरार चल रही देवरिया जिले की निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को मंगलवार रात दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। शालिनी श्रीवास्तव पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि गोरखपुर के एसपी सिटी निमिष पाटिल ने की है।

शालिनी श्रीवास्तव पर आरोप है कि उनकी प्रताड़ना से तंग आकर एक शिक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उनके कार्यालय का मुख्य आरोपी बाबू (लिपिक) संजीव सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश जारी है।

क्या था पूरा मामला?

मूल रूप से कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग गांव के रहने वाले कृष्ण भगवान सिंह देवरिया जिले के गौरीबाजार विकासखंड के लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे।

आत्महत्या और सुसाइड नोट:

20 फरवरी 2026 की रात उन्होंने गोरखपुर के शिवपुर शाहबाजगंज में अपने भाई के किराए के मकान में फांसी लगाकर जान दे दी थी।

लगाए थे गंभीर आरोप: सुसाइड करने से पहले शिक्षक ने एक सुसाइड नोट और वीडियो जारी किया था, जिसमें बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अवैध उगाही के गंभीर आरोप लगाए थे।

निलंबन और मुकदमा: इस घटना के बाद 22 फरवरी 2026 को गोरखपुर के शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ, जिसके बाद शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था। इस मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले एक प्रधानाचार्य को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

चार महीने से पुलिस को दे रही थीं चकमा, ऐसे धरी गईं
इनाम की राशि: एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी बीएसए फरार चल रही थीं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार न कर पाने की स्थिति में शुरुआती दौर में उन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दिया गया।

पुलिस की चार टीमें लगातार बलिया, प्रयागराज, लखनऊ और देवरिया सहित संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। इस बीच पुलिस सर्विलांस टीम को आरोपी शालिनी श्रीवास्तव की लोकेशन दिल्ली में मिली। इनपुट के आधार पर गोरखपुर पुलिस ने दिल्ली में जाल बिछाकर उन्हें धर दबोचा।

आगे की विधिक कार्रवाई

एसपी सिटी गोरखपुर निमिष पाटिल ने बताया कि दिल्ली से गिरफ्तार कर आरोपी शालिनी श्रीवास्तव को गोरखपुर लाया जा रहा है, जहाँ उन्हें स्थानीय कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही फरार चल रहे लिपिक संजीव सिंह की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

 

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