महराजगंज
जनपद महराजगंज के ठूठीबारी क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टला है। यहां गड्ढे में पलटने से बाल-बाल महाराजगंज डिपो की बस बच गई, जिससे यात्रियों ने राहत भरी सांस ली। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ठूठीबारी कस्बे का बस स्टैंड एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब महाराजगंज डिपो की एक रोडवेज बस गहरे गड्ढे में पलटने से बच गई। स्थानीय लोगों की सतर्कता ने एक संभावित दुर्घटना को टाल दिया।
आज सुबह महाराजगंज डिपो की बस UP 78 JN 6973 गोरखपुर के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही थी। बस जैसे ही ठूठीबारी बस स्टैंड परिसर से आगे बढ़ी, वहां मौजूद बड़े और गहरे गड्ढे की ओर झुकने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल शोर मचाकर चालक को सावधान किया, जिसके बाद बस को तुरंत रोका गया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि कुछ सेकेंड की भी देरी होती, तो बस असंतुलित होकर गड्ढे में पलट सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। उस समय बस में यात्री भी मौजूद थे, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोग बस को सुरक्षित निकालने के लिए जुट गए। लोगों ने धक्का लगाकर बस को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सड़क की खराब हालत और कीचड़नुमा गड्ढों के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
बस स्टैंड नहीं, बदहाली का प्रतीक
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ठूठीबारी बस स्टैंड लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है। यात्रियों को हर दिन जोखिम उठाकर यहां से सफर करना पड़ता है। जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं।
वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग
बसें और अन्य वाहन सड़क किनारे बेतरतीब खड़े रहते हैं, जिससे जाम और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यात्रियों की बैठने की व्यवस्था, शौचालय और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं भी बदहाल हैं।
सीमा क्षेत्र होने के कारण बढ़ जाती है अहमियत
ठूठीबारी भारत-नेपाल सीमा से सटा एक महत्वपूर्ण कस्बा है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ नेपाल आने-जाने वाले लोग और पर्यटक भी गुजरते हैं। ऐसे संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्र में बस स्टैंड की यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बस स्टैंड की मरम्मत और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन से उठी तत्काल कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और यात्रियों में आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से तत्काल बस स्टैंड की मरम्मत कराने, गड्ढों को भरवाने, बाउंड्री वॉल निर्माण कराने तथा यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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