बिधूना: एसडीएम के खिलाफ लामबंद हुए अधिवक्ता, डीएम को पत्र भेज तबादले की मांग

औरैया

औरैया जनपद के बिधूना तहसील में उपजिलाधिकारी गरिमा सोनकिया और अधिवक्ताओं के बीच विवाद गहरा गया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

औरैया जनपद के बिधूना तहसील में उपजिलाधिकारी गरिमा सोनकिया और अधिवक्ताओं के बीच विवाद गहरा गया है। बार एसोसिएशन बिधूना के पदाधिकारियों ने एसडीएम पर भ्रष्टाचार, अमर्यादित व्यवहार और जिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए डीएम औरैया को शिकायती पत्र सौंपा है।

जिलाधिकारी के आदेश की अनदेखी का आरोप

अधिवक्ताओं का कहना है कि पूर्व पेशकार को शिकायत के बाद तहसील से स्थानांतरित कर दिया गया था और उनके स्थान पर आलोक कुमार को नया पेशकार नियुक्त करने का आदेश जारी हुआ था। आरोप है कि जब बार एसोसिएशन के पदाधिकारी गुरुवार (7 मई) को इस आदेश के अनुपालन के लिए एसडीएम से मिलने पहुंचे, तो उन्होंने उग्र होकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। अधिवक्ताओं के अनुसार, एसडीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी के आदेश को नहीं मानतीं और उनके कार्यालय में केवल उनका ही आदेश चलेगा।

प्राइवेट कर्मियों की नियुक्ति और भ्रष्टाचार की शिकायत

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि एसडीएम पिछले एक वर्ष से अधिक समय से कार्यालय और न्यायालय के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए गैर-सरकारी (प्राइवेट) लोगों को नियुक्त किए हुए हैं, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। विरोध करने पर सुरक्षा गार्डों के जरिए वीडियो बनवाकर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

जनता और किसानों में भी रोष

अधिवक्ताओं ने कहा कि एसडीएम के रवैये से न केवल अधिवक्ता, बल्कि आम जनता भी त्रस्त है। हाल ही में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन के दो किसानों को जेल भेजे जाने की घटना से किसान संगठनों में भी भारी रोष व्याप्त है। बार एसोसिएशन ने मांग की है कि कार्यालय से निजी व्यक्तियों को हटाया जाए और एसडीएम के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए उनका तत्काल स्थानांतरण किया जाए।

 

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