रामपुर: जिला अस्पताल की बदहाली, बेड न मिलने पर बेंच पर हो रहा मरीजों का इलाज

रामपुर

रामपुर जनपद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


रामपुर जनपद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई हैं। अस्पताल में डॉक्टरों और बेड की भारी किल्लत के चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि गंभीर मरीजों को वार्ड में बेड तक नसीब नहीं हो रहे और उन्हें बेंच पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।

तीमारदार खुद स्ट्रेचर खींचने को मजबूर

अस्पताल में न केवल चिकित्सा उपकरणों और बेड की कमी है, बल्कि वार्ड बॉय की अनुपलब्धता भी एक बड़ी समस्या बन गई है। मजबूरी में तीमारदारों को अपने मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाने के लिए खुद ही स्ट्रेचर खींचना पड़ रहा है। दूर-दराज के गांवों से इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले लोगों के लिए यह स्थिति मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कष्टकारी साबित हो रही है।

विशेषज्ञों की कमी से बढ़ रहा रेफरल का बोझ

अस्पताल में सर्जनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। पंजाब नगर से आए एक तीमारदार ने बताया कि बेड न मिलने के साथ-साथ डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर दूसरे शहरों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

इमरजेंसी वार्ड की तस्वीरें बयां कर रही हकीकत

इमरजेंसी वार्ड की तस्वीरें अस्पताल प्रशासन के दावों की पोल खोल रही हैं, जहाँ स्ट्रेचर और बेंच ही मरीजों का सहारा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने और रिक्त पड़े डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के पदों को भरने की मांग की है।

 

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