बागपत: युवाओं में बढ़ते नशे के खिलाफ जाट महासभा ने खोला मोर्चा, डीएम को भेजा स्मरण पत्र

बागपत

बागपत जनपद के बढ़ते नशे के कारोबार और युवाओं में इसके बढ़ते रुझान को रोकने के लिए जिला जाट महासभा ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बागपत जनपद के बढ़ते नशे के कारोबार और युवाओं में इसके बढ़ते रुझान को रोकने के लिए जिला जाट महासभा ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे महासभा के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को एक स्मरण पत्र भेजकर नशे के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने की जोरदार मांग की है।

तीन सूत्रीय मांगपत्र पर अब तक कार्रवाई न होने से नाराजगी

महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इससे पूर्व 29 दिसंबर को भी प्रशासन को तीन सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन की इस ढिलाई को देखते हुए महासभा ने दोबारा स्मरण पत्र (Reminder) भेजकर अपनी मांगों को दोहराया है।

महासभा की तीन प्रमुख मांगें

अवैध दवाओं पर रोक: मेडिकल स्टोर्स पर बिना डॉक्टर के पर्चे के अवैध रूप से बिकने वाले नशे के इंजेक्शन और नशीली गोलियों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

शराब की दुकानों पर चेतावनी: शराब के ठेकों पर स्पष्ट रूप से ‘शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है’ जैसी चेतावनी लिखवाई जाए।

दुकानों का स्थानांतरण: मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों के पास स्थित शराब की दुकानों को वहां से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।

युवाओं के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा

महासभा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा आज समाज और खासकर युवा पीढ़ी के लिए एक गंभीर दीमक की तरह काम कर रहा है। यदि समय रहते मेडिकल स्टोर्स और शराब की दुकानों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो इसके परिणाम भयावह होंगे। महासभा ने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि इस समस्या से निपटने के लिए जल्द से जल्द जमीनी स्तर पर कार्य किया जाए।

 

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