बेटियों ने बढ़ाया मान: बैंड-बाजों के साथ सेना के लिए विदा हुई क्रियावली की लाडली खुशी

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के ऊँचागाँव क्षेत्र के गाँव क्रियावली में शनिवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


बुलंदशहर जनपद के ऊँचागाँव क्षेत्र के गाँव क्रियावली में शनिवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। गाँव की बेटी खुशी का चयन भारतीय सेना में होने के बाद, जब वह अपनी पहली ड्यूटी के लिए रवाना हुई, तो पूरे क्षेत्र में जश्न और गौरव का माहौल व्याप्त हो गया।

गाँव में बारात जैसा उत्साह, डीजे की धुन पर थिरके ग्रामीण

सतीश कुमार की सुपुत्री खुशी के सैन्य सेवा में चयन की खबर से ग्रामीण गदगद हैं। शनिवार को विदाई के समय न केवल परिजन, बल्कि पूरे गाँव के लोग सड़कों पर उतर आए। बैंड-बाजों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते ग्रामीणों ने बेटी को विदा किया। यह विदाई किसी उत्सव से कम नहीं लग रही थी, जहाँ हर आँख में गर्व और चेहरे पर मुस्कान थी।

बाबा साहेब की प्रतिमा पर टेका मत्था

देश सेवा के पथ पर कदम रखने से पहले खुशी ने गाँव में स्थापित डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद ग्रामीणों का हुजूम उसे गाँव के बाहर बुगरासी-स्याना मार्ग स्थित केला मोड़ बस स्टैंड तक छोड़ने पहुँचा।

“देश के लिए प्राण भी न्योछावर तो गर्व की बात”

अपनी रवानगी से पूर्व भावुक और उत्साहित खुशी ने कहा, “मैं देश की सेवा करने जा रही हूँ। यदि मातृभूमि की रक्षा करते हुए मुझे अपने प्राणों की आहुति भी देनी पड़े, तो मैं इसे अपना और अपने परिवार का सबसे बड़ा सौभाग्य मानूँगी।”

खुशी के पिता सतीश कुमार ने गर्व से भरते हुए कहा कि उनकी बेटी ने न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर गाँव के बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने खुशी को उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित सेवा की शुभकामनाएँ दीं।

 

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