बुलंदशहर
बुलंदशह जनपद के वर्ष 2024 के एक सनसनीखेज मामले में, जिसमें एक युवती ने तीन आरोपियों पर जबरन धर्म परिवर्तन और दुष्कर्म का आरोप लगाया था, विवेचक दरोगा परवेज चौधरी के कोर्ट में पेश न होने पर विवाद खड़ा हो गया है। दरोगा वर्तमान में हापुड़ में तैनात हैं। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशह जनपद के वर्ष 2024 के एक सनसनीखेज मामले में, जिसमें एक युवती ने तीन आरोपियों पर जबरन धर्म परिवर्तन और दुष्कर्म का आरोप लगाया था, विवेचक दरोगा परवेज चौधरी के कोर्ट में पेश न होने पर विवाद खड़ा हो गया है। दरोगा वर्तमान में हापुड़ में तैनात हैं।
व्हाट्सएप से वारंट की तामील पर नाराजगी
न्यायालय ने बार-बार बुलाने पर भी दरोगा के न आने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए थे। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ओमप्रकाश वर्मा ने पाया कि जहांगीराबाद थाना प्रभारी ने वारंट की विधिवत तामील कराने के बजाय केवल व्हाट्सएप पर सूचना भेजकर खानापूर्ति की। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए थाना प्रभारी को तलब किया और संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
पुराना विवाद
गौरतलब है कि दरोगा परवेज चौधरी पहले भी विवादों में रहे हैं। वर्ष 2023 में आवास विकास चौकी क्षेत्र में हुए पटाखा विस्फोट, जिसमें सात मौतें हुई थीं, के दौरान भी उन पर आरोपियों से मिलीभगत के आरोप लगे थे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) February 10, 2026




















