सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद के विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने नाबालिग के साथ अपहरण और दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने नाबालिग के साथ अपहरण और दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शनिवार को अपर सत्र/विशेष न्यायाधीश वीरेन्द्र कुमार की अदालत ने आरोपी फूलचंद्र को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2021 का है, जो सिद्धार्थनगर के थाना गोल्हौरा क्षेत्र से संबंधित है। आरोपी फूलचंद्र (निवासी मझील गांव, थाना खागा, जनपद फतेहपुर) पर एक नाबालिग बच्ची को अगवा करने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और साक्ष्य जुटाए थे।
अदालत का कड़ा रुख
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता पवन कर पाठक ने मजबूती से पैरवी की। अदालत के समक्ष पेश किए गए चिकित्सकीय साक्ष्यों गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी अभिलेखों के आधार पर आरोपी का दोष सिद्ध हुआ।
सजा: आरोपी को धारा 376 (IPC) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत 20 साल की सख्त सजा सुनाई गई।
अर्थदंड: कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
समाज के लिए कड़ा संदेश
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पॉक्सो एक्ट के तहत इस तरह की कठोर सजा से समाज में अपराधियों के बीच डर पैदा होगा और बच्चों के प्रति होने वाले जघन्य अपराधों में कमी आएगी। फैसले के तुरंत बाद आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया गया।
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