वंदे मातरम् पर सियासत: शिवपाल यादव का विधानसभा में कड़ा रुख, कहा– “वंदे मातरम् दिल की आवाज है, इसे राजनीतिक हथियार न बनाए सरकार”

लखनऊ

उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित विशेष चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सत्ता पक्ष को जमकर घेरा।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित विशेष चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सत्ता पक्ष को जमकर घेरा। उन्होंने जहां इस कालजयी गीत को राष्ट्र की ऐतिहासिक चेतना और आत्मा का प्रतीक बताया, वहीं सरकार पर इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप भी लगाया।

“राजनीति नहीं, राष्ट्रभक्ति का विषय है वंदे मातरम्”

शिवपाल यादव ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि वंदे मातरम् संविधान की आत्मा है और हमारे स्वतंत्रता संग्राम का महामंत्र रहा है। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा, “वंदे मातरम् हमारी ऐतिहासिक विरासत है, लेकिन अफसोस की बात है कि इसे अब राजनीति में घसीटा जा रहा है। राष्ट्रभक्ति किसी दबाव में नहीं, बल्कि दिल से निकलती है। इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना राष्ट्रभक्ति की मूल भावना को ठेस पहुँचाना है।”

किसानों और युवाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरा

सदन में चर्चा के दौरान शिवपाल यादव ने प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं को उठाते हुए सरकार पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा:

खाद संकट: “आज प्रदेश में किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहा है, उन्हें खाद नहीं मिल रही है।”

पेपर लीक और बेरोजगारी: “भर्तियों के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं। क्या बेरोजगार नौजवान वंदे मातरम् नहीं बोलता? उसकी समस्या का समाधान कौन करेगा?”

नाम बदलने की राजनीति: “आप नाम बदलने में तो माहिर हैं, लेकिन राष्ट्रभक्ति सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि नीयत से साबित होती है।”

SIR और ‘वोट काटने’ की साजिश का आरोप

शिवपाल यादव ने एक बड़ा राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार विपक्ष के वोट काटने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रही है। उन्होंने SIR (Special Investigation Room) का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए विपक्ष के समर्थकों के वोट काटने की योजना बनाई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

“देशभक्ति नारों में नहीं, सेवा में है”

अपने संबोधन के अंत में शिवपाल यादव ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि वंदे मातरम् का सही अर्थ तभी सार्थक होगा जब हम इसे दिल से अपनाएं और जनता की सेवा करें। उन्होंने सवाल किया कि जो सरकार किसानों को खाद और युवाओं को रोजगार न दे पाए, वह राष्ट्रभक्ति का ढोंग कैसे कर सकती है?

शिवपाल यादव के इन तीखे सवालों और तर्कों ने विधानसभा में चर्चा के माहौल को पूरी तरह गरमा दिया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली

 

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