सिद्धार्थनगर: निजी खाद विक्रेताओं का प्रशासन के खिलाफ हल्लाबोल, भेदभाव और उत्पीड़न का लगाया आरोप

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के निजी उर्वरक विक्रेताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘उर्वरक फुटकर विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन’ ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर राजस्व विभाग पर मानसिक और आर्थिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के निजी उर्वरक विक्रेताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘उर्वरक फुटकर विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन’ ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर राजस्व विभाग पर मानसिक और आर्थिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है।

सरकारी समितियों पर मेहरबानी, निजी पर कार्रवाई: एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आदर्श कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन केवल निजी दुकानों की जांच कर उनके लाइसेंस निलंबित कर रहा है। आरोप है कि सरकारी समितियों (Co-operative societies) में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और ‘ओवररेटिंग’ हो रही है, लेकिन प्रशासन वहां आंखें मूंद कर बैठा है।

महंगी खाद और व्यापारिक संकट: पदाधिकारियों—ओमकार त्रिपाठी और नीरज कुमार वर्मा—ने दावा किया कि निजी दुकानदार यूरिया के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्हें यूरिया की बोरी ₹300 के ऊंचे दामों पर मिल रही है, जिससे व्यापार करना असंभव हो गया है। उन्होंने मांग की है कि जांच की प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए और सरकारी समितियों की भी सघन जांच हो।

उत्पीड़न बंद करने की चेतावनी: विक्रेताओं ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर छोटे दुकानदारों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि निजी दुकानदारों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

 

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