मेरठ
मेरठ जनपद के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए जल का एक प्रमुख स्रोत, गंगनहर, को वार्षिक सफाई और मरम्मत कार्यों के लिए हरिद्वार में बंद कर दिया गया है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

मेरठ जनपद के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए जल का एक प्रमुख स्रोत, गंगनहर, को वार्षिक सफाई और मरम्मत कार्यों के लिए हरिद्वार में बंद कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर हरिद्वार के भीमगोड़ा से नहर की बंदी की गई है। इसके चलते मेरठ सहित NCR के कई शहरों में पेयजल आपूर्ति और कृषि सिंचाई पर गंभीर संकट छा गया है।
20 अक्टूबर तक बंद रहेगी नहर
गंगनहर को अब 20 अक्टूबर की मध्यरात्रि को ही खोला जाएगा।
नहर में पानी छोड़ने के बाद इसे मेरठ और आसपास के इलाकों तक पहुंचने में लगभग 36 घंटे का समय लगता है।
इसका अर्थ है कि किसानों और आम जनता को 22 अक्टूबर तक पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
पेयजल और सिंचाई पर व्यापक असर
सिंचाई विभाग हर साल दशहरे से दीपावली के बीच यह रखरखाव कार्य करता है। इस बंदी का सीधा असर निम्नलिखित क्षेत्रों पर पड़ेगा:
पेयजल: मेरठ और अन्य NCR शहरों में जल्द ही जलापूर्ति पर प्रभाव दिखना शुरू हो जाएगा। स्थानीय प्रशासन को जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा।
सिंचाई: रबी की फसलों की बुवाई से पहले यह बंदी किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
धार्मिक महत्व: इस बंदी का असर केवल आम जनता पर ही नहीं, बल्कि हरिद्वार में हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं पर भी पड़ेगा, क्योंकि यहां पानी का बहाव कम हो जाएगा।
स्थानीय प्रशासन जनता से अपील कर रहा है कि वे इस दौरान पानी का इस्तेमाल बेहद सावधानी से करें और जल संरक्षण पर जोर दें।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 3, 2025





















