महराजगंज जिले का एक ऐसा गांव जहां पूरी रात जंगली जानवर ने मचाया तबाही, दर्जनों इंसान समेत जानवरों पर किया हमला, सुरक्षा हेतु सलाह देने तक भी नहीं पहुंचे कोई संबंधित अधिकारी

कोल्हुई (महराजगंज) 

महराजगंज जिले के कोल्हुई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा मुड़ली में बीती रात जंगली जानवर की आतंक के कारण लोगों का सोना भी हो गया हराम। ग्रामीणों की दहशत में बीत गई रात। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

जनपद महराजगंज के ब्लाॅक लक्ष्मीपुर अंतर्गत कोल्हुई थाना क्षेत्र के ग्राम सभा मुड़ली में बीती रात ग्रामीणों को जंगली जानवर के आतंक का सामना करना पड़ा है। गांव भर में जंगली जानवर ने इस तरह तबाही मचाया कि लोग सुबह तक उसके वारदात कि कहानी को नहीं भूला सकें और दूसरे दिन यानि सोमवार को यह मामला चर्चा का केन्द्र बना हुआ है।

वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 संवाददाता ने जब ग्रामीणों से मिलकर जंगली जानवर के द्वारा मचाए गए तबाही की जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो ग्रामीणों ने बताया कि उस जानवर का मूंह खून से सना हुआ था जो कई जानवरों और इंसानों को चपेट में लेने के बाद भी अन्य शिकार की तालाश में मस्त-मौला होकर घूम रहा था।
आदमखोर जंगली जानवर की कहानी बताते हुए ग्रामीणो ने बताया कि किसी के बकरी को तो किसी के भैस को तो किसी इंसान को लगातार चपेट में लेकर हमला करता रहा और लोग डरे-सहमे घरों में ठिठूर कर बैठे रहे।

इतना ही नहीं कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताते हुए कहा कि कुल करीब दो जंगली जानवर थे जो लगातार गांव के एक छोर से दूसरे छोर तक दहशत फैलाकर घटनाक्रम को अंजाम देते रहे। यहां तक कि विस्तर पर सो रहे लोगों को भी नहीं छोड़ा, घर में घुसकर कहीं लोगों के विस्तर को खिचता, तो कहीं मच्छरदानी को खींचकर फाड़ देता और मौका मिलते ही इंसानों तथा पालतू जानवरों पर टूट पड़ता।

ग्रामीणों का कहना है कि यह रात किसी तरह से तो बीत गई लेकिन आज की रात के लिए जानवर का खौफ बना हुआ है। क्योंकि अभी भी वह खूनी जानवर अजाद होकर घूम रहा है। खबर लिखने तक उन्होंने बताया कि अभी कोई भी ऐसा जिम्मेदार नहीं आया है कि हम सभी को सुरक्षा का अहसास और सलाह दे सके।

ग्रामीणों सुरक्षाकर्मियों पर दाग रहे सवाल

लोगों का कहना है कि आदमखोर जंगली जानवर द्वारा इतने बड़े घटनाक्रम को अंजाम देने के बाद भी किसी संबंधित अधिकारी को कानों-कान भनक तक भी नहीं लगी है। सुबह होने के बाद करीब आधा दिन बीत जाने के बाद संबंधित अधिकारियों के कानों के नीचे जू तक नहीं रेंगता नजर आ रहा है। लोग सुरक्षा कर्मियों की सलाह के लिए नजरें जमाएं बैठे हैं कि यदि सुरक्षा कर्मी गांव में निरीक्षण करने आये और सुरक्षा हेतु कुछ सलाह दें जिससे इस ख़तरनाक जानवर से बचने में सहायता मिल सकें।

 

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