दूल्हा गाड़ी बनी नाव, ससुराल पहुंचे दुल्हे राजा नाव पर दुल्हन को लेकर लौटे घर

Voice Of News 24 

11 Jul 2024 22:16 PM

नौतनवां (महराजगंज) 

जनपद महराजगंज के नौतनवां तहसील अंतर्गत एक ग्राम सभा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों होने के कारण दुल्हा गाड़ी वहां नहीं पहुंच पाई तो नांव द्वारा बाराती पहुंचे दुल्हन के घर, और वापस नांव पर दुल्हन की हुई विदाई। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅयस ऑफ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जनपद महराजगंज में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं,बाढ़ के बीच जहां आम जनमानस अपने आप को सुरक्षित करने के लिए जद्दोजहद में जुटा हुआ है,तो वही महराजगंज जिले से एक अनोखी तस्वीर सामने आई है,नौतनवा थाना क्षेत्र स्थित सेमरहवा गांव में नए नवेले दूल्हे राजा देर रात बारातियों संग अपनी दुल्हन को लेने नदी से नाव के सहारे ससुराल पहुंचे जहां नदी पर ससुराल के लोगों ने जमकर स्वागत किया।रात में जब दूल्हे राजा नाव पर सवार हुए तो इतने विशाल नदी को नाव के सहारे पार करते एक तरफ जहां बाराती डरे और शहमें नजर आ रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ दूल्हे राजा भी डर के मारे आंहे भरते हुए नजर आ रहे थे। फिलहाल किसी तरह से दूल्हे राजा बारातियों का हुजूम लेकर और जान जोखिम में डालकर शादी का लड्डू खाने में तो सफल हो गए लेकिन उनकी यह शादी यादगार बनकर हमेशा के लिए चर्चा का विषय बन गई।

अब आपको इस गांव की थोड़ी कहानी बता देते हैं

दरसअल सेमरहवा गांव नौतनवा तहसील क्षेत्र में पड़ता है और यहां की आबादी लगभग 7000 के करीब है यह एक तरफ जंगल से घिरा है तो दूसरी तरफ नेपाल से बहकर आने वाली रोहिनी नदी प्रवाहित होती है। ऐसे में अब यहां के लोग इसी रोहिणी नदी को पार कर अपने रोज के गतिविधियों को अंजाम देते हैं पुल न होने के वजह से इस गांव में दूसरे गांव के रहने वाले लोग अपनी बेटियों का ब्याह किसी भी कीमत पर नहीं करना चाहते हैं वहीं सेमरहवा गांव में रहने वाले अधिकांश नवयुवक शादी का लड्डू खाने से वंचित है और,यही वजह है कि जब भी यहां पर मांगलिक कार्यक्रम होता है तो वर और वधू पक्ष नदी को पार करते समय यह भूल जाते हैं कि मेरे सर पर शादी का सेहरा और मुकुट है, बल्कि वे लोग सर पर कफ़न रखकर नदी को पार करने पर मजबूर होते हैं। तथा शादी विवाह के रस्मों को निभाते हुए पूरा करते हैं।

Maharajganj News

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