मऊ

मऊ जिले में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण धान की खड़ी फसलें खेतों में गिरकर पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। फसल बर्बादी से आक्रोशित और चिंतित दर्जनों किसान सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और उग्र प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

मऊ जिले में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण धान की खड़ी फसलें खेतों में गिरकर पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। फसल बर्बादी से आक्रोशित और चिंतित दर्जनों किसान सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और उग्र प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
हर खेत का प्लॉटवार सर्वे कराने की मांग
कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे किसानों ने प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त सर्वे टीम गठित करने की मांग की। किसानों का कहना है कि प्रशासन बिना किसी देरी के हर प्रभावित खेत का प्लॉटवार निष्पक्ष सर्वे कराए, ताकि असली नुकसान का सही आकलन हो सके और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
‘अब तक नहीं शुरू हुआ नुकसान का आकलन’
आक्रोशित किसानों ने बताया कि बारिश के कारण उनकी मेहनत और भारी लागत से तैयार धान की फसल पूरी तरह पानी में डूबकर खराब हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक शासन-प्रशासन के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने धरातल पर आकर नुकसान का जायजा नहीं लिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सर्वे कराकर राहत राशि और मुआवजे की घोषणा नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे।
बुलंदशहर: जहांगीराबाद में प्रसव के दौरान महिला की मौत, ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप; दो अस्पताल संचालक गिरफ्तार
https://t.co/XCmhawchhM
— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 2, 2026













