जौनपुर

जौनपुर श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में नई आबादी स्थित रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन भरत-राम मिलन सहित विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में नई आबादी स्थित रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन भरत-राम मिलन सहित विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिर पर धारण कर भरत के अयोध्या लौटने के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इस दौरान पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
समिति अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल की देखरेख में आयोजित रामलीला की शुरुआत राजा दशरथ के दाह संस्कार के मार्मिक प्रसंग से हुई। इसके बाद भरत का निषादराज के प्रति रोष, भरत-निषादराज संवाद, भरत का चित्रकूट गमन और भारद्वाज संवाद का मंचन किया गया। लक्ष्मण का रोष, भरत-राम मिलन और दोनों भाइयों के बीच हुए भावपूर्ण संवाद ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मंचन के दौरान जब भरत ने प्रभु श्रीराम से अयोध्या लौटने का आग्रह किया और उनकी चरण पादुकाओं को सिर पर धारण कर वापस लौटने का निर्णय लिया, तो श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कलाकारों के सजीव अभिनय ने रामायण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा ने माता जानकी और प्रभु श्रीराम की विधि-विधान से आरती उतारी तथा आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन और उनके आदर्श समाज में शांति, न्याय, मर्यादा और धर्म के प्रतीक हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सद्भाव, भाईचारे और नैतिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और आपसी सौहार्द बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 12, 2026












