औरैया: फर्जी लोन ऐप के जरिए ब्लैकमेल करने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड संदीप पाल गिरफ्तार

औरैया

औरैया जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस को ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए जनता को ठगने वाले अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


औरैया जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस को ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए जनता को ठगने वाले अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने सोशल मीडिया पर बिना दस्तावेजों के तुरंत लोन देने का झांसा देकर लोगों का निजी डेटा चोरी करने और फिर उन्हें अश्लील तस्वीरें बनाकर ब्लैकमेल करने वाले एक अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम, बैंक पासबुक और नगदी बरामद की गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के क्रम में यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक औरैया अभिषेक भारती के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा व क्षेत्राधिकारी बिधूना पुनीत मिश्रा (साइबर) के कुशल पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम टीम क्षेत्र में सक्रिय थी।

मंगलवार को प्रतिबिंब पोर्टल पर प्रदर्शित संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच और मुखबिर की सटीक सूचना पर साइबर थाने की टीम ने घेराबंदी करते हुए ककोर बंबा से 200 मीटर फफूंद की तरफ से आरोपी को धर दबोचा। पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में मु0अ0स0 17/2026 धारा 318(4)/317(2) बीएनएस (BNS) व 66(डी)/67/67(ए) आईटी एक्ट (IT Act) के तहत गंभीर मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

पूछताछ में खुला ‘री-पे ऐप’ (Re-Pay App) के जरिए ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल

गिरफ्तार अभियुक्त संदीप पाल ने पूछताछ में साइबर ठगी के इस पूरे नेटवर्क और काम करने के खौफनाक तरीके का खुलासा किया है। आरोपी ने बताया कि वे इस पूरे खेल को चरणों में अंजाम देते थे .

आकर्षक विज्ञापनों का जाल: वे इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘जीरो सिबिल स्कोर’ और ‘बिना किसी दस्तावेज के तुरंत लोन’ का आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करते थे, जिससे जरूरत मंद लोग आसानी से उनके झांसे में आ जाते थे।

अनजान APK फाइल से डेटा चोरी: ये ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर नहीं होते, बल्कि किसी अनजान वेबसाइट से APK फाइल के रूप में डाउनलोड कराए जाते थे। इंस्टॉल होते ही यह ऐप यूजर से कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी, लोकेशन और एसएमएस (SMS) की अनुमति मांगता था। अनुमति मिलते ही पीड़ित के फोन का पूरा पर्सनल डेटा चुपके से उनके सर्वर पर अपलोड हो जाता था।

मनमाना ब्याज और सिर्फ 7 दिन का टेन्योर: शुरुआत में ऐप बिना पूरी प्रक्रिया के ही 2,000 से 5,000 रुपये खाते में भेज देता था, जिसमें से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पहले ही 1,500 से 2,000 रुपये काट लिए जाते थे। मात्र 7 दिनों के भीतर 3,500 रुपये के बदले 6,000 से 7,000 रुपये की मांग की जाती थी, जिसकी ब्याज दरें 100 से 200 प्रतिशत तक होती थीं।

अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेलिंग यदि पीड़ित पैसा देने में एक दिन की भी देरी करता, तो आरोपी पीड़ित की गैलरी से चुराई गई तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर के जरिए अश्लील बना देते थे। इसके बाद उन तस्वीरों को व्हाट्सएप पर भेजकर धमकी दी जाती थी कि अगर एक घंटे में पैसे नहीं दिए, तो यह फोटो रिश्तेदारों, दोस्तों और ऑफिस बॉस को भेज दी जाएगी। सामाजिक बदनामी के डर से पीड़ित मानसिक रूप से टूट जाता था और बार-बार पैसे देने को मजबूर होता था।

अभियुक्त और बरामदगी का विवरण

संदीप पाल पुत्र छोटेलाल पाल, निवासी- ग्राम पुर्वा इमलिया (पोस्ट पुर्वा जैन), थाना- सहार, जिला- औरैया (उम्र करीब 24 वर्ष)। 02 अदद मोबाइल फोन (अपराध में प्रयुक्त) 01 डेबिट/एटीएम कार्ड ,01 अदद बैंक पासबुक,1,300 रुपये नगद

कामयाबी पाने वाली पुलिस टीम प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार (थाना साइबर क्राइम) मय हमराह साइबर क्राइम टीम जनपद औरैया।

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