सिद्धार्थनगर
मॉनसून की पहली ही बारिश ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की कलई खोल कर रख दी है। ग्राम पंचायत बजहां बाजार स्थित शहीदे आज़म भगत सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पीछे वाले मुख्य मार्ग की दुर्दशा इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। सड़क की जर्जर स्थिति को देखकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
चुनावी वादे ‘टाय-टाय फिस्स’, जर्जर सड़क के बगल में मौत का कुआं!
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय नेतागण हाथ जोड़कर और झूठे वादे करके वोट तो ले लेते हैं, लेकिन जब धरातल पर विकास की बारी आती है, तो जनता को ठेंगा दिखा दिया जाता है। इस जर्जर मार्ग के ठीक बगल में एक गहरी पोखरी (तालाब) स्थित है, जो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। जलजमाव और कीचड़ के कारण राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है, लेकिन जिम्मेदार मौन हैं। ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा, “चुनावी मौसम आते ही बरसाती मेंढकों की तरह नेता टर्र-टर्र करने आ जाते हैं, और मौसम खत्म होते ही गायब!”
जनता पूछ रही सवाल: पिछले निर्माण के बाद क्यों थम गया विकास?
सोशल मीडिया पर अब यह सवाल तेजी से तैर रहा है कि आखिर किसके कार्यकाल में बजहां बाजार के इन नए मार्गों का निर्माण हुआ था? क्योंकि उसके बाद से आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस मार्ग की सुध नहीं ली।
‘पार्टी देखकर नहीं, इंसान देखकर करें मतदान’ – ग्रामीणों का आह्वान
आगामी चुनावों को लेकर अब बजहां ग्राम पंचायत के जागरूक नागरिकों ने एक मुहिम छेड़ दी है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि अबकी बार वोट उसे ही दिया जाएगा जो जनता की सुने, जिससे सीधे संवाद किया जा सके, न कि उसे जो जीतने के बाद पहचानना भी बंद कर दे। लोगों से अपील की जा रही है













