महराजगंज: बागापार की चार प्रमुख सड़कों पर भीषण जलभराव, तालाब में तब्दील हुए रास्ते, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर

बागापार (महराजगंज)

महराजगंज जनपद के सदर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बागापार में जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त होने के कारण आम जनजीवन बेपटरी हो गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के सदर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बागापार में जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त होने के कारण आम जनजीवन बेपटरी हो गया है। यहाँ की चार प्रमुख सड़कों पर जलभराव की समस्या लगातार भयावह होती जा रही है। हालात इस कदर बदतर हैं कि हल्की सी मानसूनी फुहार के बाद भी ये मुख्य सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का पैदल चलना तक दूभर हो गया है। वर्षों से बनी इस विकराल समस्या के समाधान न होने से शासन-प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

इन चार प्रमुख मार्गों पर नारकीय स्थिति, आवागमन ठप

क्षेत्रीय जनता के अनुसार, सबसे बदतर और जानलेवा स्थिति निम्नलिखित चार प्रमुख मार्गों पर बनी हुई है, जहाँ पानी का निकास न होने से हफ्तों तक गंदा पानी जमा रहता है।

विशुनपुरवा से कटहरा गांव को जोड़ने वाली सड़क

बागापार से बरईठवा मार्ग

बागापार कस्बे में स्थानीय पुलिस चौकी के ठीक सामने की मुख्य सड़क

इन सभी महत्वपूर्ण मार्गों पर नालियों और पानी निकासी का कोई मुकम्मल इंतजाम नहीं है। बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहने के कारण पूरी सड़क गहरे गड्ढों और कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है, जिससे इन रास्तों से गुजरना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है।

रोजाना गिरकर चोटिल हो रहे लोग, फैल रही बीमारियां

जलभराव की इस समस्या को लेकर ग्रामीण रवींद्र जैन, अशोक शर्मा, धर्मेंद्र यादव, धीरेन्द्र वर्मा, अनिल वर्मा, अनूप शर्मा, रामप्रीत, दूधनाथ, धर्मराज चौधरी और प्रदीप वर्मा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस दलदल के कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को सबसे ज्यादा प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालक रोजाना कीचड़ में फिसलकर गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं, वहीं गड्ढों के कारण चारपहिया वाहनों के पलटने का भी खतरा लगातार मंडरा रहा है।

ग्रामीणों की मांग: केवल नालियों का निर्माण और सड़क मरम्मत ही एकमात्र स्थायी समाधान

ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि वे पिछले कई वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं, धरातल पर काम शून्य रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन चारों महत्वपूर्ण मार्गों पर तत्काल पक्की नालियों का निर्माण कराकर उन्हें मुख्य नाले से जोड़ दिया जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों की पैच-मरम्मत कराई जाए, तो जनता को इस नारकीय जीवन से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकती है।

 

Voice Of News 24 

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.