तिकुनिया (लखीमपुर खीरी)
लखीमपुर खीरी जनपद के तिकुनिया में सरकार जहां एक ओर ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत देश के कोने-कोने में स्वच्छता का संदेश पहुंचाने और हर गांव-शहर को साफ-सुथरा बनाने में जुटी है, वहीं तिकुनिया क्षेत्र से इसके उलट तस्वीर सामने आ रही है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखीमपुर खीरी जनपद के तिकुनिया में सरकार जहां एक ओर ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत देश के कोने-कोने में स्वच्छता का संदेश पहुंचाने और हर गांव-शहर को साफ-सुथरा बनाने में जुटी है, वहीं तिकुनिया क्षेत्र से इसके उलट तस्वीर सामने आ रही है। यहाँ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी असंतोष और नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस स्वास्थ्य केंद्र के आसपास लंबे समय से गंदगी का माहौल है, जिसे देखने वाला कोई नहीं है।
दवा लेने आते हैं सैकड़ों मरीज, पर वातावरण नारकीय
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थान है, जहां रोजाना सैकड़ों गरीब और जरूरतमंद मरीज इलाज कराने तथा दवाएं लेने पहुंचते हैं। ऐसे संवेदनशील और व्यस्त चिकित्सा स्थान पर स्वच्छता और साफ-सुथरा वातावरण होना बेहद अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान स्थिति दावों से बिल्कुल अलग है।
कूड़े का ढेर और आवारा पशुओं का जमावड़ा, बीमारियों का खतरा
ग्रामीणों का दावा है कि अस्पताल परिसर और उसके आसपास नियमित रूप से साफ-सफाई न होने के कारण कूड़ा-कचरा जमा रहता है। रही-सही कसर आवारा पशु पूरी कर देते हैं, जिनकी आवाजाही से स्थिति और भी बदतर हो जाती है। पूरे परिसर में हर समय दुर्गंध फैली रहती है, जिससे यहाँ आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी बरसात के मौसम में यहाँ मलेरिया, डेंगू जैसी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का जोखिम और अधिक बढ़ सकता है।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की अपील
ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि यदि आम जनता को जीवनदान देने वाले सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की सफाई व्यवस्था ही सवालों के घेरे में होगी, तो सरकार के स्वच्छता अभियान का उद्देश्य कैसे पूरा होगा? क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने, स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण करने तथा सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की पुरजोर अपील की है।
उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन की उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों के झूठे आश्वासनों से तंग आकर अब ग्रामीण अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। ताजा मामला सिद्धार्थनगर जिले के इटवा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत औरहवा के बड़ईया टोले से सामने आया है। pic.twitter.com/lPuUhpC40x
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 14, 2026












