अनूपशहर
बुलंदशहर जनपद में यूरिया की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस और जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद में यूरिया की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस और जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। अनूपशहर थाना पुलिस ने जिला प्रशासन की संस्तुति पर करोड़ों रुपये के यूरिया घोटाले के मुख्य अभियुक्तों—प्रादेशिक को-ऑपरेटिव फेडरेशन (PCF) के भंडारनायक हरेंद्र प्रताप सिंह और सहायक लेखाकार यश राघव के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA / रासुका) के तहत कार्रवाई की है। वर्तमान में मेरठ जिला कारागार में बंद दोनों आरोपियों को रासुका का वारंट तामील करा दिया गया है।
11 मई को रंगे हाथों पकड़े गए थे यूरिया से भरे 3 ट्रक
इस महाघोटाले का खुलासा 11 मई 2026 को हुआ था, जब जिला कृषि अधिकारी आर.के. यादव ने अनूपशहर कोतवाली में एक बड़ी शिकायत दर्ज कराई थी। कृषि अधिकारी ने कालाबाजारी के लिए अवैध रूप से ले जाए जा रहे यूरिया से लदे तीन ट्रकों को रंगे हाथों पकड़ा था। इस संबंध में अनूपशहर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की गई, जिसमें पीसीएफ बुलंदशहर के इन दो बड़े अधिकारियों की सीधी संलिप्तता और मुख्य भूमिका पाई गई।
खुर्जा के रहने वाले हैं दोनों आरोपी अधिकारी
घोटाले में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने पीसीएफ के भंडारनायक हरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ हरेंद्र पाल सिंह और सहायक लेखाकार यश राघव को गिरफ्तार किया था। ये दोनों आरोपी मूल रूप से कलाखुरी (खुर्जा देहात) के निवासी हैं और वर्तमान में आवास विकास (खुर्जा नगर) में रह रहे थे। हरेंद्र प्रताप सिंह को 26 मई और यश राघव को 27 जून को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिमांड मंजूर होने पर 30 मई को इन्हें कोर्ट में पेश कर मेरठ जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया गया था।
घोटाले में अब तक 4 आरोपियों पर लग चुका है रासुका (NSA)
इस हाई-प्रोफाइल यूरिया घोटाले में पुलिस प्रशासन अब तक कुल चार मुख्य आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत शिकंजा कस चुका है। हरेंद्र प्रताप सिंह और यश राघव से पहले, पुलिस इस रैकेट के दो अन्य गुर्गों मोहम्मद हारून और रामेंद्र उर्फ गुड्डू पर भी यह कड़ी कार्रवाई कर चुकी है।
मोहम्मद हारून: 23 मई 2026 को एनएसए की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई।
रामेंद्र उर्फ गुड्डू: 30 मई 2026 को एनएसए की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई।
हरेंद्र प्रताप व यश राघव: 12 जुलाई 2026 को जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर एनएसए की धारा 3(2) का नोटिस तामील कराया गया।
पुलिस की इस चौतरफा और सख्त कार्रवाई से जिले के खाद माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 13, 2026













